ओंकारेश्वर नगर परिषद की अवैध पार्किंग वसूली,ठेकेदार से सांठगांठ कर, बाहरी वाहनों से उगाई जारी।

हाथी के दो तरह के दांत,एक खाने एक दिखाने के, दो तरह के रसीद कट्टों से हो रहा खेल।
✍️ प्रदीप ठाकुर।

ओंकारेश्वर।
ओंकारेश्वर और मप्र का महाकालेश्वर दो ज्योतिर्लिंग प्रदेश का बाहरी श्रद्धालुओं के आने का मुख्य केंद्र बिंदु हैं। लेकिन अब इन में से ओंकारेश्वर में नगर परिषद के ठेकेदारों और खुद नगर परिषद से जुड़े अधिकारियों,नेताओं के संरक्षण में बाहरी श्रद्धालुओं से पार्किंग के नाम पर वसूली जारी हैं। दरअसल यह तय रेट से दोहरी,तो साथ दिलचस्प बात यह कि दो तरह के रसीद कट्टों से ओंकारेश्वर आने जाने वाले श्रद्धालुओं से पार्किंग वसूली की रही हैं।
डबल रेट बाहरियों को कुछ मालूम नहीं।
जब न्यूज WITH तड़का की टीम ने बाहरी वाहन चालकों से बातचीत की तो उससे यह जाहिर तो हो गया कि उन्हें कुछ ज्यादा तय रेट के बारे में कुछ मालूम नहीं हैं। इधर इन वसूलीबाज जादूगरों ने कई स्थानों से तय रेट के बोर्ड तक गायब कर दिए हैं। लिहाजा तय रेट प्रति चार पहिया 50₹ की अपेक्षा ठेकेदार के गुर्गे 100₹ प्रति गाड़ी वसूल रहे हैं। लिहाजा यह कहना बिल्कुल सही होगा कि मोटी राशि की बंदरों में बांट हो रही हैं। हाल ही में सावन शुरू हुए है तो आप अंदाजा लगा सकते है कि अब यह राशि कितने गुना हो जाएगी।
दो तरह के रसीद कट्टों का उपयोग।
पार्किंग वसूली के दौरान देखा गया है कि कुछ वाहन चालकों के पास उनके वाहन नंबर लिखी पर्चियां दी गई हैं। वहीं दूसरी तरफ कई वाहन चालकों को सिर्फ बिना नंबर पर्ची। लिहाजा जो दोहरी वसूली की रसीदें बन रही हैं। वह प्रति वाहन 50₹ इसमें एडजस्ट हो रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता आए आगे।
इस पूरे मामले की जानकारी जब सामाजिक कार्यकर्ता हरभजन सिंह भाटिया को लगी तो उन्होंने कहा कि फिलहाल नगर परिषद के जिम्मेदारों को उन्होंने मौखिक अवगत करा दिया हैं अगर फिर भी यह बाहरी लोगों से वसूली बंद नहीं होती है और उक्त मामले की जांच नहीं की जाती हैं कि आखिर यह वसूली की बंदरबांट में कौन कौन शामिल हैं। तो वह उस स्थिति में न्यायालय में प्रकरण लगाएंगे। ताकि दोषियों को सजा हो सके।