INDORE महाजाम से परेशान आमजनता,कलेक्टर ने संभाला मोर्चा,MPRDC,मेट्रो,PWD,IDA के अधूरे निर्माण बनी मुख्य वजह,DM की जिम्मेदारों को हिदायत,जनता का कहना महज चार सौ मीटर सफर तय करने में लग दो घंटे।
महाजाम से बेहाल जनता,कलेक्टर ने संभाली कमान,MPRDC,मेट्रो, IDA , PWD के अधूरे प्रोजेक्ट बने मुख्य वजह,निरीक्षण के दौरान DM की सख्त हिदायत,जनता परेशान कर सौ मीटर रास्ते को पार करने में लग जाते दो दो घंटे।

बेहाल जनता,कलेक्टर ने संभाली कमान,MPRDC फ्लाईओवर ब्रिज का किया निरीक्षण,मेट्रो प्रोजेक्ट भी महाजाम की अहम वजह।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
सर्दी,गर्मी और बरसात मौसम बदल जाते हैं। लेकिन शहर की जनता को जाम की समस्या से कभी निजात मिलना असंभव सा लग रहा हैं। शहर का कोई सा भी इलाका क्यों न ही चार,दो और अन्य वाहन रेंगते नजर आते हैं। इसमें सबसे ज्यादा हालत खराब ab रोड,बायपास और रिंगरोड की हैं। जहां शाम होते ही वाहन चलाने वाले चालक जाम के नाम से ही खौफजदा हैं। पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश ने इंदौर नगर निगम,MPRDC,PWD,IDA,मेट्रो प्रोजेक्ट जैसे मुख्य निर्माण जैसे मुख्य निर्माण एजेंसियों की पोल खोलकर रख दी हैं। उज्जैन रोड, बायपास,रिंगरोड जैसे क्षेत्रों में शाम को महाजाम ने आमजनता का तेल निकाल दिया हैं। क्योंकि शहर में इन क्षेत्रों में जो हालात शाम 7 से 9 बजे तक होते हैं। उन हालातो को देखते हुए वाहनचालक वाहन चलाने से ही भयभीत है। जबकि जिम्मेदार मीटिंग और दौरे में व्यस्त हैं। शहर की इन स्थितियों को भांपते हुए अब खुद इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने मोर्चा संभाला हैं। और शहर में जारी निर्माणाधीन कार्यों का वह खुद जायजा ले रहे है जबकि व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर अब वह खुद मैदान में उतर गए हैं। बुधवार को कलेक्टर शिवम वर्मा ने मुसाखेड़ी सहित MPRDC द्वारा बनाए जा रहे चार फ्लाईओवर ब्रिज साइट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भी MPRDC की लापरवाहियों पर नाराजी जताई। क्योंकि इन साइट पर निर्माण कार्य तो पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत चल ही रहा था लेकिन यातयात को लेकर MPRDC जिम्मेदारों ने कोई भी माकूल इंतजाम नहीं किए थे। लिहाजा कलेक्टर शिवम वर्मा ने MPRDC जिम्मेदारों को सख्त हिदायत भी दी कि एक दो दिनों में निर्माणाधीन साइट की सर्विस रोड को दुरुस्त करे। जबकि IT पार्क चौराहे को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिये कि निर्माण साइट के अलावा जो हिस्सा खराब हो गया हैं। उसे तुरंत दुरुस्त करे।

मेयर भी किया था दौरा लेकिन निकला बेअसर।
इधर कलेक्टर शिवम वर्मा के पहले इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी MPRDC द्वारा बनाए जा रहे फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण साइट का दौरा किया था। उन्होंने भी इन क्षेत्रों की सर्विस रोड को दुरुस्त करने की सख्त हिदायत दी थी। लेकिन समय गुजरते ही MPRDC के जिम्मेदार उक्त हिदायत को भूल गए। लेकिन अब इंदौर कलेक्टर ने दौरा करते हुए MPRDC जिम्मेदारों को चेताया हैं अब देखना यह होगा कि कितने दिनों तक कलेक्टर के इस इंजेक्शन का असर MPRDC जिम्मेदारों को रहता हैं।

समय से पीछे चल रहा कार्य।

वहीं MPRDC की निर्माण कार्यशैली की बात की जाए तो MPRDC अपने तय समय सीमा से काफी पीछे चल रहा हैं। तय सीमा के बावजूद MPRDC की जो कार्यों की रफ्तार है वह काफी ज्यादा धीमी हैं।

मेट्रो योजना बनी मुसीबत।

इसके अलावा इंदौर को जिम्मेदारों ने मेट्रो की सौगात दी है या फिर लोगों के गले मुसीबत की घंटी बांध दी है ये शहरवासी अब समझ नहीं पा रहे है क्योंकि उज्जैन रोड एमआर 10 जैसे क्षेत्र मेट्रो योजना की धीमी गति की मार झेल रहे हैं। वहीं इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाया जा रहा डबल टेकर ब्रिज भी उक्त क्षेत्र में महाजाम की मुख्य वजह साबित हो रहा हैं। हालांकि खुद सीईओ डॉक्टर परीक्षित झाड़े समय समय पर उक्त क्षेत्र की मॉनिटरिंग करते है लेकिन उनका अमला और ठेकेदार फर्म उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर देते है जब वाहनचालक ऐसे विकास को लेकर जाम में फंसते हुए जिम्मेदारों को कोसते रहते हैं।

महज चार सौ मीटर का सफर दो घंटे में।
चर्चा में बंगाली चौराहा से लगी कालोनियों के रहवासियों ने बताया कि बंगाली चौराहा से उनके निवासरत कालोनी का रास्ता महज चार सौ मीटर दूर होगा। लेकिन शाम होते ही यह चार सौ मीटर रास्ते को तय करने में दो दो घंटे लग जाते हैं।