Lucknow Crime News: महिला दरोगा का ससुर पर रेप का आरोप; 4 दिन तक थाने के चक्कर, एफआईआर में टालमटोल पर मचा बवाल
लखनऊ: राजधानी लखनऊ से एक अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला दरोगा ने अपने ही ससुर पर रेप जैसे जघन्य अपराध का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि जब वह न्याय की गुहार लेकर पारा थाने और हंस खेड़ा चौकी पहुंची, तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय उसे 4 दिनों तक चक्कर कटवाए। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस न केवल मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी, बल्कि उसे धमकियां भी दी जा रही थीं।
👮 ‘थाना बिक चुका है’, पीड़िता ने लगाया गंभीर आरोप
महिला दरोगा ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह खुद पुलिस विभाग का हिस्सा है, इसके बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी। उसने आरोप लगाया कि हंस खेड़ा चौकी इंचार्ज ने उसे एक कमरे में बंद कर धमकी दी और कहा कि “तुम्हारी नौकरी खा जाएंगे”। पीड़िता ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि संबंधित पुलिसकर्मी आरोपी पक्ष से मिले हुए हैं और जानबूझकर साक्ष्यों की मांग करके मामले को लटका रहे हैं। उसने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा थाना बिक चुका है और उसे न्याय मिलने की उम्मीद खत्म होती दिख रही थी।
📢 मामला तूल पकड़ते ही हरकत में आई पुलिस
जब महिला दरोगा के साथ हुई इस बदसलूकी और पुलिस की निष्क्रियता का मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने लगा, तब जाकर लखनऊ पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने आधिकारिक रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर रिप्लाई करते हुए जानकारी दी कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
⚠️ जांच जारी, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
फिलहाल मामले की जांच की जा रही है, लेकिन इस घटना ने लखनऊ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। एक पुलिसकर्मी की एफआईआर दर्ज करने के लिए यदि 4 दिन का लंबा संघर्ष करना पड़े, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा, यह बड़ा सवाल है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच में निष्पक्षता बरतने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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