Thanthania Kalibari: कोलकाता के ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, जानें 300 साल पुराने इस मंदिर का इतिहास
पश्चिम बंगाल विधानसभा में पहले चरण के भारी मतदान के बाद भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. दूसरे चरण के मतदान से पहले रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर कोलकाता में विशाल रोड शो किया है. इस दौरान सड़क के दोनों और भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा रही है. रोड शो की शुरुआत से पहले पीएम मोदी ने कोलकाता के विधान सरणी स्थित प्राचीन सिद्ध शक्तिपीठ ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर में पूजा अर्चना की. पीएम मोदी ने मंदिर में मां काली का आशीर्वाद लिया.
पीएम मोदी को पुजारियों ने मंत्रोच्चार के साथ उन्हें आशीर्वाद दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ समय तक मौन रहकर प्रार्थना की. इसके बाद पुजारियों से बात करते हुए रोड शो के लिए निकल गए. जैसे ही पीएम मोदी का विशेष वाहन सड़कों पर उतरा, पूरा इलाका जय श्री राम और शंख की ध्वनियों से गूंज उठा. रोड शो बीके पाल एवेन्यू से शुरू होकर खन्ना क्रॉसिंग तक चला. पूरे रास्ते में सड़कों के दोनों ओर हजारों की संख्या में लोग खड़े थे. छतों और बालकनियों से महिलाएं और बुजुर्ग प्रधानमंत्री पर फूलों की वर्षा कर रहे थे.
ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर का इतिहास
ठनठनिया कालीबाड़ी कोलकाता के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित काली मंदिरों में से एक है इसकी स्थापना 1703 में हुई थी; इसका 300 साल पुराना इतिहास शहर के औपचारिक विकास से भी पहले का है. मां काली की पूजा ‘मां सिद्धेश्वरी’ के रूप में की जाती है, और यहां की अधिष्ठात्री देवी को ‘जागृत’ माना जाता है.
कहा जाता है कि रामकृष्ण परमहंस अक्सर इस मंदिर में आते थे और मां सिद्धेश्वरी के भजन गाते थे. मंदिर के अंदर उन्होंने जो ‘वाणी’ कही थी, उसे दीवारों पर उकेरा गया है, जिस पर लिखा है: ‘शंकरेर हृदोय माझे, काली बिराजे’ (मां काली शंकर के हृदय में निवास करती हैं)
रिकॉर्ड मतदान के बाद बीजेपी जमकर कर रही चुनाव प्रचार
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 92 प्रतिशत से अधिक का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है. इसी के बाद से बीजेपी के हौसले बुलंद हो गए हैं. बीजेपी हाईकमान इस भारी मतदान को अपने पक्ष में मानकर चल रहा है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत तमाम बड़े नेता दूसरे चरण के मतदान से पहले जमकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं. अब सभी की निगाहें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर टिकी है.
शहरी मतदाताओं को साधने की कोशिश
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तर कोलकाता का यह रोड शो रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बीजेपी इस क्षेत्र के शहरी मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है, जहां टीएमसी का प्रभाव काफी मजबूत रहा है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री के इस रोड शो का उद्देश्य उत्तर कोलकाता की उन सीटों पर प्रभाव डालना है जहां मुकाबला बेहद कड़ा है. दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस भी अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए लगातार रैलियां कर रही है.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.