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’30 मीटर दूर गिरते रहे बम-मिसाइल’: मौत को मात देकर वतन लौटा निखिल, सुनाई युद्ध के मैदान की खौफनाक दास्तान

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गन्नौर: जान बची तो लाखों पाए कहावत सही सिद्ध हुई। जी हां गन्नौर का एक युवक निखिल जो कि मर्चेंट नेवी में है और पानी के जहाज पर ओमान जा रहा था। जैसे ही जहाज ईरान पहुंचा तो इजरायल, अमेरिका और ईरान का युद्ध शुरू हो गया। जिस वजह से उनक जहाज ईरान में फंस गया और वह करीब 20 दिन जहाज पर ही रहे। उनके जहाज से 30 मीटर बम ओर मिसाईलें गिरती देखीं। अब निखिल घर पहुंचा जिसके बाद परिजनों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। निखिल में आप बीती बताया सुनिए निखिल की जुबानी।

जानकारी के अनुसार 23 वर्षीय युवक निखिल जोकि गन्नौर के शाहपुर गांव का रहने वाला है। अपनी पढ़ाई के बाद उसने गुरुग्राम से मर्चेंट नेवी का कोर्स किया। आज वह गन्नौर अपने घर पहुँचा ओर पंजाब केसरी से बात करते हुए आपबीती बताई। निखिल ने बताया कि वह पानी के जहाज पर मुम्बई से अपनी यात्रा शुरू की। वह ओमान जा रहे थे। जव वह ईरान पहुंचे तो युद्ध शुरू हो गया। इस दौरान उनका जहाज वहीं फंस गया। वह करीब 15 लोग जहाज पर थे।

उन्होंने अमेरिका के जहाज से बम व मिसाइलें गिरती देखीं। उनके जहाज से क़रीब 30 मीटर दूरी पर बम गिरे। जिस वजह से उनके जहाज के शीशे टूट गए। इस दौरान वह ग्रुप पूरी तरह डर गया। इस दोरान मोबाइल नेटवर्क खत्म हो गए ओर परिजनों से सम्पर्क टूत गया। जिस कारण परिजनों से करीब 20 दिन बात नही हो सकी।

दूसरी तरफ परिजन भी चिंता में डूब गए। निखिल किसी तरह तहरान पहुचे ओर हरिद्वार के एक व्यक्ति से मिले। जिसने उन्हें इंडियन एम्बेसी के बारे में बताया। जहा इंडियन एम्बेसी के अम्पर्क में आने के बाद एम्बेसी में अपनी बस भेज कर उन्हें बुलाया और कागजी कार्रवाई कर उन्हे सड़क के रास्ते भेज दिया।

निखिल ने बताया कि सड़क के रास्ते जो खर्च हुआ उन्होंने अपनी जेब से दिया। वह आज अपने घर पहुंचा ओर परिजनों से मिलकर खुशी जताई। वहीं निखिल के दादा लालमन त्यागी ने बताया निखिल की वापसी पर गांव व परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने तहरान में मिले भारतीय व्यक्ति का धन्यवाद जताया।

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