प्रथम नागरिक का जन्मदिन,शहर सदमे में,दुखी द्रवित मेयर ने नहीं मनाया अपना बर्थडे,न बुके न मिठाई,ना ही केक,बस लेते रहे भागीरथपुरा की अपडेट।
प्रथम नागरिक का जन्मदिन,और शहर में ऐसा मंजर,दुखी द्रवित मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने नहीं मनाया जन्मदिन।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
शहर के प्रथम नागरिक महापौर पुष्यमित्र भार्गव का आज जन्मदिन हैं। लेकिन यह जन्मदिन जिस माहौल और जिस स्थितियों में आया हैं। उसे देखते हुए मेयर ने इस बार अपना जन्मदिन मनाया ही नहीं। दुखी द्रवित महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस बार अपने समर्थकों को समझाइश भी दी। लेकिन खुद जन्मदिन मनाने के लिए वह बिल्कुल भी इच्छुक नहीं दिखे। जबकि कई ऐसे समर्थक थे जो पुष्पगुच्छ लेकर पहुंचे जरूर लेकिन महापौर ने अपने जन्मदिन को भागीरथपुरा हादसे में काल का ग्रास बन गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए समर्पित कर दिया।

एक भी बुके हाथ में नहीं लिया।
अल सुबह से ही महापौर निवास और सचिवालय पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ था। लेकिन महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उन सभी अनुरोध के बावजूद भी अपना जन्मदिन नहीं मनाया। इस अवसर पर जो बुके लेकर गए भी उन बुके को मेयर ने हाथ में नहीं लिया। जबकि इस दौरान कई खास लोग थे तो कई आम किसी के भी पुष्प गुच्छ मेयर ने स्वीकार नहीं किए।
फोन पर भी नहीं की बात।

महापौर ने शुक्रवार को कामकाजों को छोड़ जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वाले लोगों के फोन तक नहीं उठाए। इस बीच उनके साथ रहने वाले इन फोन कॉल को संभालते हुए दिखे। लेकिन भागीरथपुरा की घटना के बाद मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अपना जन्मदिन नहीं मनाया तो साथ ही न ही केक न बुके न मिठाई। सबकुछ भूलते हुए वह भागीरथपुरा के निरंतर अपडेट लेते हुए दिखाई दिए।
दुखी है मेयर,काम करने वाले जनप्रतिनिधि ऐसे ही होते हैं।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उनके अन्य सहयोगियों को भी अचरज में डाल दिया। क्योंकि सुबह से ही मेयर अपने जन्मदिन के दिन द्रवित और काफी ज्यादा दुखी दिखे। इधर उनके ही सहयोगियों ने बताया कि आज जन्मदिन के दिन ऐसा पहली बार हुआ हैं। जबकि भगीरथपुरा में जो घटनाक्रम हुआ। उसे लेकर जिस तरह मेयर दुखी और द्रवित हैं। उससे एक बात तो उनके सहयोगियों को भी समझ आ गई कि मेयर काम करना जानते है सस्ती राजनीति करना उन्हें नहीं आती हैं।