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दस सालों से इंदौर में ही जमे इंदौर विकास प्राधिकरण संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ,पोल खोल के बाद बौखलाए,पत्रकारों की संपदा शाखा में इंट्री बंद का फरमान,पत्रकारों की आवाजाही बंद करने से क्या कारस्तानियों की नहीं खुलेगी पोल पट्टी।

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हकीकतें बयान पर बौखलाए इंदौर विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी,पत्रकारों की शाखा में आवाजाही पर लगाई रोक,इधर बाबुओं का कहना बहुत छपती है ऐसी खबरें हमारा कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम ने इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा के बाबुओं जिनमें पंकज गुनारे, अजय बिल्लौरे, जितेंद्र साहू और गिरीश हलवे सहित अन्य की दादागिरी और आम जनता की परेशानी का खुलासा किया था। आम जनता किस तरह से इन बाबुओं के भरोसे चल रही संपदा शाखा की मनमानी से परेशान और जनता अपने कामकाजों के लिए चप्पलें घिस रही हैं। लिहाजा संपदा शाखा प्रभारी संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों की पोल खुलने के बाद संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव बौखला गए हैं। और आनन फानन में संपदा शाखा प्रभारी श्रीवास्तव ने एक फरमान जारी किया हैं। जिसके तहत अब संपदा शाखा में पत्रकारों के आने जाने पर ही रोक लगा दी हैं।

 

आखिर रोकने से क्या होगा,आपकी कारस्तानियां की वजह से आम जनता रोजाना रोती हैं।

संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने पत्रकारों पर तो प्रतिबंध लगा दिया हैं। लेकिन संपदा शाखा में जो चल रहा है,जो हो रहा हैं। उसे तो खुद यहां आने जाने वाली आम जनता बयान करती हैं। रोजाना शाखा प्रभारी श्रीवास्तव और उनके स्टाफ की वजह से चक्कर पर चक्कर लगाते हैं। और इन सभी को महीनों तक तंग करने पर कोसने में भी कसर नहीं छोड़ते हैं।

दस सालों से इंदौर में ही आखिर किसकी शह और किसका मोह।

तत्कालीन कलेक्टर रहे मनीष सिंह और आशीष सिंह की आंखों की किरकिरी बने संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव पर कभी भी कोई रहम नहीं किया था। इधर तत्कालीन सीईओ राम प्रकाश अहिरवार से भी संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव हर लापरवाहियों पर डांट तक खाते थे। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिरकार सारे सरकारी नियमों को ताक पर रखते हुए मनीष श्रीवास्तव पिछले दस सालों से इंदौर में ही कैसे टीके हुए हैं।

शाखा पूरी बाबुओं के भरोसे

सूत्र बताते है कि न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम ने संपदा शाखा के जिन बाबुओं की मनमानियों की पोल खोली थी उनमें संपदा शाखा प्रभारी श्रीवास्तव का एक बाबू जो कि खुद आउट सोर्स कर्मचारी है पंकज गुनारे वह काफी ज्यादा खास माना जाता है। सूत्र बताते है कि वहीं गुनारे संपदा अधिकारी के अधिकांश कामकाज निपटाता हैं। अब यह बात कितनी सही और गलत यह न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम की पब्लिश खबरों के बाद संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव की बौखलाहट बता रही हैं।

भ्रष्टाचार के आरोप हटाए गए फिर कर ली जुगाड।

पिछले महीनों में भूमाफियाओं से सांठगांठ के आरोपों के चलते संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव को तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्वाचन कार्यालय में पदस्थ कर दिया था। लेकिन जुगाड के चलते श्रीवास्तव वापस ida में आ गए और उसी संपदा अधिकारी के पद पर। जो किसी के भी गले नहीं उतर रहा हैं।

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