अहाता बंदी के बावजूद बेखौफ गुलज़ार अहाते,निगम बना रहा चालान,आबकारी-पुलिस विभागीय अमला हैं कहां? सरकार को राजस्व का चुना,मोटी कमाई की हो रही बंदरबांट।
शहर बेखौफ संचालित अवैध अहाते,फैला रहे गंदगी,नगर निगम बना रहा चालान,पुलिस और आबकारी विभाग हैं कहां?

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई शराब नीति के तहत प्रदेशभर में अहाता संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन वर्तमान स्थितियां ऐसी है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के उक्त निर्णय से अहाता संचालन में कोई रोक तो नहीं लगी हैं। बल्कि इंदौर सहित लगभग पूरी प्रदेशभर में अवैध अहाते बेखौफ गुलज़ार है। तो सीधे तौर पर राजस्व का चुना राज्य सरकार को लग और ऐसे अवैध अहाते संचालक मोटी कमाई कर रहे हैं। दरअसल उक्त बंदरबांट का पैसा कई लोगों में बंट रहा है। लेकिन सरकार अहाते बंद करने के बाद हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं।
नगर निगम अमला बना रहा चालान।

इधर बाणगंगा शराब दुकान,गांधी नगर शराब दुकान सहित शहरभर में बेखौफ अवैध अहाते संचालित हो रहे हैं। और शहर में गंदगी भी फैला रहे हैं। लिहाजा इंदौर नगर निगम अमला ऐसे अवैध अहाते पर चालानी कार्यवाही तो कर रहा हैं। लेकिन इतने बड़े खुलासे के बावजूद आबकारी और पुलिस विभागीय अमला हैं कहां यह सवाल अब जोर पकड़ रहा हैं।
आबकारी पुलिस की जिम्मेदारी,लेकिन कार्यवाही शून्य।

शहर के लगभग सभी थाना क्षेत्रों में शराब दुकानें हैं। लिहाजा जहां शराब दुकान वहां अवैध अहाते भी संचालित हो रहे हैं। लेकिन ऐसे अवैध अहातो पर कार्यवाही करने वाला आबकारी विभाग गायब हैं। जबकि कार्यवाही के नाम पर छुटमुट कार्यवाही करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभा रहा हैं। इसके अलावा पुलिस अमला भी अपने अपने थाना क्षेत्रों में अवैध अहाते संचालित होने की पुख्ता जानकारी होने के बावजूद भी कोई भी कार्यवाही करने से बचता फिर रहा हैं। अब इन दोनों ही विभागों की ऐसी उदासीनता के पीछे वजह क्या है इसका जवाब तो खुद इन्हीं विभागों के जिम्मेदार दे सकते हैं।