एक थाना प्रभारी ऐसे भी जो 24/7 रहते सक्रिय।
कनाड़िया थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव, जो बिल्कुल नहीं करते आराम,रात तीन बजे से पहले और दिनभर थाने पर रहते हैं अलर्ट।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
अमूमन देखा गया है कि पुलिस विभाग को लेकर तमाम तरह के आरोप प्रत्यारोप लगाए जाते रहे हैं कि संबंधित पुलिस कर्मचारी और अधिकारी काम नहीं करते हैं। लेकिन इनमें कुछ बिरले अधिकारी ऐसे भी होते है जो दिन क्या रात रात भर परिवार,बीवी बच्चों के मोह को छोड़ काम भी करते हैं। जिनमें से ही एक हैं कनाड़िया थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव। जो कि कनाड़िया थाना पर लगभग 24/7 उपलब्ध होते हैं। और आम जनता बिना कोई रोकटोक फरियाद भी सुनते हैं।

स्टॉफ भयभीत, काम नहीं तो फटकार।

कनाड़िया थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वह खुद भी काम के प्रति कोई भी लापरवाहियां करने से दूर रहते हैं। वहीं दूसरी तरफ कनाड़िया थाना क्षेत्र का पूरा स्टॉफ जिनमें सब इंस्पेक्टर से लेकर एएसआई,हेड कांस्टेबल,और कांस्टेबल तक थाना प्रभारी की सख्त कार्यशैली से खौफ खाते हैं। क्योंकि खुद थाना प्रभारी देर रात तक थाने में देखे जाते हैं। और अगर अन्य कोई स्टॉफ नदारद रहे तो उसकी खैर नहीं होती हैं।
कभी भी बुलावा,होना पड़ता हाज़िर।

कनाड़िया थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव अपनी सख्त मिजाजी और समय पर काम को लेकर जाते हैं। फिर अगर कनाड़िया थाना क्षेत्र में कोई अपराध घटित हो गया तो, संबंधित इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर से खुद थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव पल पल की जानकारी लेते रहते हैं। फिर वह समय कोई भी हो थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव का मुख्य लक्ष्य रहता है समय सीमा में उस वारदात को सुलझाना।
लेते केवल तीन घंटे नींद

कनाड़िया थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव 24 घंटे सक्रिय रहते हैं। चुकी इंसान होने के साथ साथ आराम करना भी जरूरी। लिहाजा देखा जाता है कि थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव थाना में ही तीन घंटे लगभग का आराम कर दोबारा अपनी ड्यूटी पर तैनात हो जाते हैं।
मै खुद नहीं करूंगा तो काम कैसे लूंगा।

चर्चा में कनाड़िया थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव बताते है कि वह खुद सबसे पहले नियम कायदों पर चलते हैं। लगभग 24 घंटे थाने में उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने कहा कि पहले खुद आराम छोड़ काम करना पड़ता हैं। इसी से प्रेरित होते हुए कनाड़िया थाना का अन्य स्टॉफ भी उनके दिशा निर्देशों पर चलते हैं। लेकिन पहले शुरूआत थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव खुद करते हैं।