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पशुओं के नाम पर नदारद खुद अपना कर रहे पालनपोषण,तकनीक के सहारे सरकार को बना रहे मूर्ख,इधर खबर छापने पर पशुपालन विभागीय गिरोह दे रहा धमकियां।

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पशुपालन के नाम पर खुद का पालनपोषण,तकनीक को ही बनाया हथियार,सार्थक ऐप के जरिए लगाई जा रही झूठी हाजरी,गिरोह सदस्य खबर छापने पर दे रहे धौंस,खबर छापी तो देख लेंगे। 

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

मध्यप्रदेश का पशुपालन विभाग पशुओं को पालने की बजाय यहां पदस्थ डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के पालन पोषण करने का मुख्य उद्देश्य बना हुआ हैं। दरअसल इंदौर के जीपीओ स्थित पशु चिकित्सालय हो या हो जिले का कोई भी ऐसा ही पशु चिकित्सालय। वहां सरकारी डॉक्टर आते नहीं हैं। और आते भी है तो सिर्फ खानापूर्ति करने के लिए। दरअसल वह इसलिए क्योंकि इंदौर के जीपीओ हॉस्पिटल,सांवेर, शिप्रा जैसे पशु चिकित्सालय में तो यहीं हालात हैं। जहां के डॉक्टर वहीं के अन्य कर्मचारियों की साठगांठ के चलते सरकारी मशीनरी,बेजुबानों, और पूरे सिस्टम को मूर्ख बना रहे हैं।

यह है मामला

पिछले दिनों प्रमुख सचिव पशुपालन शिकायत की गई है कि जीपीओ स्थित पशु चिकित्सालय में पहली बात तो जरूरत से ज्यादा दो डॉक्टरों मिताली मेहता और पूनम त्रिपाठी को नियुक्त कर दिया गया हैं। लेकिन दो दो डॉक्टर होने के बावजूद भी ये आती नहीं हैं। जबकि आती भी है तो वीडियो कॉल के जरिए सार्थक ऐप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा देती है । और इनका साथ यहीं पदस्थ AVFO सिमरन नामक कर्मचारी करते आई हैं।

ऐसे खुली बेजुबानों के गद्दारों की पोल।

दरअसल पिछले महीनों से डॉक्टर मिताली मेहता, डॉक्टर पूनम त्रिपाठी,शिप्रा की डॉक्टर गोल्डी श्रीवास्तव,AVFO की मदद से वीडियो कॉल के जरिए सार्थक ऐप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे थे। लेकिन कलेक्टर कार्यालय स्थित NIC विभाग ने इन जादूगरों की जादूगरी पकड़ ली। क्योंकि मोबाइल वीडियो कॉल के जरिए लगाई जा रही हाजरी के चलते NIC विभाग में इन तीनों ही डॉक्टरों मिताली मेहता,पूनम त्रिपाठी,गोल्डी श्रीवास्तव की हाजरी लगाने के तरीके की पोल खुल गई हैं। इन तीनों ही डॉक्टरों पर सख्त कार्यवाही की बात पशुपालन विभाग के ही वरिष्ठ अधिकारी कह रहे हैं। हालांकि उक्त पूरे मामले की जांच फिलहाल अपर कलेक्टर कर रहे हैं।

वरिष्ठ अधिकारी को भी नहीं छोड़ते देते है धौंस।

इधर उक्त पूरे मामले को लेकर बताया जा रहा है पशु पालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने जरूर इन ऐसे गद्दार डॉक्टरों की पोल खोलने की कोशिशें की। लेकिन पशुपालन विभाग में व्याप्त इस गिरोह सदस्यों ने उन्हें भी धौंस देते हुए चुप बैठा दिया।

न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम को भी आई धमकी।

इधर न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम एडिटर अमित कुमार त्रिवेदी को भी उक्त भंडाफोड़ होने के बाद इसी गिरोह के एक सदस्य डॉक्टर प्रशांत तिवारी ने देख लेने की धमकी दी है। लेकिन पशुपालन विभाग में बेजुबान जानवरों के साथ हो रहे अन्याय की पोल न्यूज़ विथ तड़का डॉट कॉम आगे लगातार खोलते रहेगा।

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