चार पहिया में घूमने वाले कांग्रेसियों की मांग हेलमेट में बरती जाएं नरमी,ऐसा साफ सफाई के समय भी सोचते थे,इंदौरी।
कांग्रेस की अनिवार्यता की मांग या फिर वहीं ढील पोल की बात।
ज्ञापन जनता को कर रहा गुमराह। चार पहिया में घूमने वाले हेलमेट में छूट की कर रहे डिमांड।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
हेलमेट को लेकर दो न्यायाधिपति भी तल्ख़ टिप्पणी कर चुके है कि कलेक्टर द्वारा जारी आदेश जनहित से ही जुड़ा हुआ हैं न कि कोई मज़ाक। खैर यह बात तो जगजाहिर हैं, लेकिन कांग्रेस अलग ही राग अलाप रही हैं। कहीं न कहीं कांग्रेसी मात्र कहीं सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए आम जनता को। गुमराह करने जैसी ही बात हैं। एक समय था, जब इंदौर में साफ़ सफ़ाई,कचरा कलेक्शन जैसे ज़रूरी बातों की बात होती थी तो तब भी इसे एक सपना या सिर्फ़ और सिर्फ ख्याली पुलाव ठहराया जाता था। दरअसल अब इंदौर देशभर में शहर का क्या स्थान रखता हैं। अब यह सभी जानते हैं। लेकिन दो नहीं चार पहिया में चलने वाले कांग्रेसी हेलमेट मुहिम को लेकर सख्ती की बजाय नरमी की। मतलब वहीं पुराने दिनों की मांग कर रहे हैं।
आखिर हेलमेट को लेकर क्यों है परेशानी।

जब हर एक व्यक्ति मानता है कि शहर की सड़कों खुदी हुई हैं। जगह जगह गड्ढे हैं। लिहाजा अब हेलमेट पहनने में परहेज़ क्या हैं।
छूट मांगने वाले नहीं घूमते,जनता सिर्फ़ बेचारी।
नरमी की छूट की मांग करने वालों में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष, सहित जो कांग्रेसी मौजूद था वह खुद कभी कभार दो पहिया में घूमते हैं।

एक मांग वाजिब।
कांग्रेसियों जिनमें नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सहित महिला कांग्रेस अध्यक्ष,पार्षद, कोई दो पहिया से नहीं घूमते हैं लेकिन घूमने वालों के लिए उन्होंने शासन से हेलमेट की कीमतें तय करने की मांग रखी। ताकि आम व्यक्ति जरूर हेलमेट की खरीदी में लुटाए नहीं।