कांग्रेसी चिंटू के दावे बड़े बड़े,मुख्यालय घेराव में होते लोगो के टोटे ,22 जोनलों को घेरने की घोषणा।
मुख्यालय घेरने में होते टोटे,अब निगम के 22 जोनलों को घेरने के दावे।
दो नंबर से बाहर निकलने की चिंटू की कोशिश। खुद कांग्रेस में हो रहीं चर्चा।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार
कांग्रेसी खुद ऐसे दावे कर देते हैं। जो उनके गले ही हड्डी साबित हो जाती हैं। दरअसल ऐसे ही बड़े बड़े दावे नगर निगम नेताप्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कर दिए हैं। जिसे लेकर अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई हैं कि कांग्रेसियों को निगम मुख्यालय घेरने में जोर हो जाते हैं। यहीं नहीं भीड़ दिखाने के लिए प्रति व्यक्ति खर्च तक करना पड़ता हैं। ऐसी स्थितियों में जिस तरह से नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम इंदौर के 22 जोनलों को एक साथ घेरने की जो घोषणा कर दी। ऐसे हालातों में तो बाहर के कांग्रेसियों को इंदौर बुलवाना पड़ेगा। क्योंकि नगर निगम के 22 जोनल कार्यालयों को घेरने के मुताबिक कांग्रेसी इंदौर में शेष ही नहीं हैं। और जो हैं वो चिंटू के कहने पर आ जाए यह भी बड़ा सवाल हैं। क्योंकि यहां राष्ट्रीय स्तर के नेता है जिन्हें इंदौर की आम जनता की स्थानीय मुसीबतों से कोई लेना देना नहीं हैं।
चिंटू व्यवहार भी मुख्य वजह
इधर चिंटू चौकसे का जो व्यवहार अचानक बदला है। उसे लेकर भी कांग्रेसी चिंटू से काफी ज्यादा खफा हैं। वह पिछले कुछ दिनों से खुद को वन मेन आर्मी समझ रहे हैं। जबकि अन्य कांग्रेसियों को तवज्जो नहीं देना। यह भी कांग्रेसियों की नाराजी की वजह हैं।
टोटे ही टोटे दावे बड़े
इसके पूर्व भी नेता प्रतिपक्ष चिंटु चौकसे के पूर्व आयोजनों में चिंटू पर अर्थ प्रबंध के जरिए भीड़ इकट्ठा करने के आरोप लग चुके हैं ऐसे हालातों में अगर इस बार भी नगर निगम के 22 जोनल पर ऐसा हुआ तो चिंटू चौकसे के कचरे होना तय माना जा रहा हैं।
शहर कांग्रेस अलग थलग।
इधर चिंटू चौकसे को लेकर शहर कांग्रेस से जुड़े सुरजीत सिंह चढ्ढा हो,या कार्यवाहक सभी अध्यक्ष। वह चिंटू से अलग थलग ही जाते हैं। उन्हें जो करना रहता है वह खुद की राजनीति चमकाने में लगे रहते हैं।