प्रधानमंत्री आवास योजना, रो रहे गुलमर्ग परिसर रहवासी,इंदौर नगर निगम बना भूमाफिया,पार्किंग की जगह पर बना डाली दुकानें।
“अपनी बर्बादी पर रोते गुलमर्ग परिसर रहवासी”
ब्लॉक B 8,9,10, 11 12
पार्किंग की जगह पर बना दी दुकानें खुद नगर निगम बना भूमाफिया,या फिर उड़ा रहा नियमों का मजाक।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार।
इंदौर नगर निगम खुद ही भूमाफिया बन बैठा हैं। क्योंकि यह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाई गए गुलमर्ग परिसर ब्लॉक B 8 9 10 11 12 में नगर निगम ने आवासीय परिसर में दुकानें ठोक दी हैं,वह भी पार्किंग के स्थान पर। या फिर नगर निगम इंदौर सिर्फ निजी बिल्डरों को ही नियमों का पाठ पढ़ाता हैं। नियम कायदे बताता हैं। और खुद बेख़ौफ़ बिंदास रहवासी परिसर में पार्किंग की जगह दुकानें तान देता हैं। ऐसा नहीं है कि रहवासियों ने योजना के जिम्मेदारों जिनमें पूर्व प्रभारी महेश शर्मा,वर्तमान प्रभारी डी आर लोधी,अपर आयुक्त नरेंद्रनाथ पांडे,कमिश्नर शिवम वर्मा से लेकर महापौर तक उक्त आपत्ति दर्ज करवाई हैं। क्योंकि उक्त जगह पर रहवासियों की संख्या और वाहनों को देखते हुए रहवासी परेशान हैं। लेकिन नगर निगम के जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। इस वजह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वकांशी योजना पर पलीता लग रहा हैं।

क्या कहते है जिम्मेदार।
इधर रहवासियों से जिम्मेदार और PMAY प्रभारी अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी का रहवासियों को उल्टा कहना है क्यों लिया नहीं लेना था। PMAY में फ्लैट्स। अब आप ही खुद ही सोचिए कि जब PMAY के प्रभारी जिम्मेदार अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी ऐसा कह रहे है तो देशभर में ऐसे अफसर पीएम की इतनी जनउपयोगी,चर्चित योजना पर काला दाग लगा रहे हैं।
अपर आयुक्त आए और हाफ हुफ कर चले गए नरेंद्र नाथ पांडे
इधर रहवासी जब निगम कमिश्नर शिवम वर्मा के पास पार्किंग सहित अन्य दर्जनों समस्याओं को लेकर जब उनके पास पहुंचे थे। लिहाजा इसके चलते योजना के अपर आयुक्त नरेंद्रनाथ पांडे यहां गुलमर्ग परिसर ब्लॉक B 10 11 12 में आए और हाफ हुफ कर चले गए। लेकिन न ही ठेकेदार ने अधूरे कार्य किए न ही पार्किंग की समस्या का समाधान हुआ।
खुद कमिश्नर भूले।
इसके अलावा खुद नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा PMAY के अंतर्गत बने गुलमर्ग परिसर को भूल गए हैं। क्योंकि योजना से ही जुडी संतोषी गुप्ता, सहित अन्य अदने कर्मचारी यहां आते है, और दिलासा देकर चले जाते हैं। लेकिन होता कुछ नहीं हैं।