श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। गृह मंत्रालय ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंधों को मंजूरी दी है, जिसके तहत 670 अर्धसैनिक बलों की कंपनियों की तैनाती की जाएगी। यह तैनाती लखनपुर प्रवेश द्वार से लेकर पवित्र गुफा तक सुनिश्चित की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
📍 कहां-कहां तैनात होंगे सुरक्षा बल?
इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में कई अहम स्थानों को केंद्र में रखा गया है:
-
बेस कैंप: नुनवान (पहलगाम) और बालटाल बेस कैंप।
-
यात्री निवास: जम्मू स्थित यात्री निवास।
-
राष्ट्रीय राजमार्ग: जम्मू-पठानकोट और जम्मू-श्रीनगर हाइवे।
-
रणनीतिक ऊंचाइयां: पवित्र गुफा के आसपास के इलाकों में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान तैनात रहेंगे।
🚆 रेलवे ट्रैक पर विशेष निगरानी
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और वंदे भारत ट्रेनों के उपयोग को देखते हुए, जम्मू-श्रीनगर रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा एजेंसियों का खास फोकस रहेगा। उधमपुर, कटड़ा, रियासी, बनिहाल और काजीगुंड जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों और मार्गों पर सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। जून की शुरुआत से ही अतिरिक्त बल जम्मू-कश्मीर पहुंचना शुरू हो जाएंगे और 25 जून तक पूरी तैनाती का काम पूरा कर लिया जाएगा।
📝 यात्रा का पंजीकरण और महत्वपूर्ण तारीखें
श्रद्धालुओं में उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 15 अप्रैल से शुरू हुए रजिस्ट्रेशन में अब तक 3.5 लाख से अधिक लोग पंजीकरण करा चुके हैं।
-
पंजीकरण: श्रद्धालु पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की चुनिंदा शाखाओं में अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
-
यात्रा अवधि: यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन/सावन पूर्णिमा) तक चलेगी।
सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से यह यात्रा देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है, और सरकार इसे सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.