रामपुर: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को एक बड़े कानूनी मामले में बड़ी राहत मिली है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने उन्हें दोहरे पासपोर्ट (फर्जी दस्तावेजों के आधार पर) मामले में दोषमुक्त करार दिया है। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा सुनाई गई 7 साल की सजा के आदेश को खारिज कर दिया है।
🏛️ सेशन कोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला
अब्दुल्ला आजम खान को दिसंबर 2025 में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दो अलग-अलग जन्मतिथि वाले पासपोर्ट बनवाने के मामले में दोषी करार दिया था और उन्हें 7 साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए अब्दुल्ला आजम के वकीलों ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सेशन कोर्ट ने मामले के सभी तथ्यों और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट के निर्णय को रद्द करते हुए अब्दुल्ला आजम को बरी कर दिया।
👨⚖️ वकील नासिर सुल्तान ने दी जानकारी
अब्दुल्ला आजम खान के वकील नासिर सुल्तान ने इस फैसले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद उनके मुवक्किल को दोषमुक्त करार दिया है। इस फैसले के बाद अब्दुल्ला आजम खान के समर्थकों में खुशी की लहर है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इस निर्णय को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
📝 क्या था पूरा मामला?
अब्दुल्ला आजम खान पर यह आरोप था कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके अपने दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाए थे, जिनमें उनकी जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी। दिसंबर 2025 में उन्हें इस मामले में सजा हुई थी, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब सेशन कोर्ट के इस फैसले ने अब्दुल्ला आजम खान को बड़ी कानूनी मुसीबत से बाहर निकाल दिया है।
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