पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले में पिछले दो दिनों में हुई 15 मौतों ने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। इनमें से 11 लोगों की मौत कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई है, जबकि अन्य मौतों के कारणों की अभी जांच की जा रही है। इस घटना के बाद हडपसर और फुगेवाड़ी इलाकों में मातम और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
🧪 मेथनॉल की मिलावट और बड़ा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े शराब में ‘मेथनॉल’ (Methanol) नामक घातक केमिकल मिलाकर बेचता था। वह अलग-अलग गांवों में जाकर आपूर्ति करता था। पुलिस ने जब शराब सप्लाई के दौरान उसकी गाड़ी को रोका, तो इस खतरनाक मिलावट का खुलासा हुआ। रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी योगेश पर पहले से ही देशी शराब बेचने के तीन मामले दर्ज हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कर्नल सिंह विरखा और उसके बेटे समेत कई अन्य साथियों को भी दबोचा है, जो अवैध शराब का धंधा संचालित कर रहे थे।
📢 प्रशासन का सख्त रुख और जांच
इस हृदयविदारक घटना पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस कमिश्नर को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम को सौंप दी गई है। राज्य उत्पाद शुल्क विभाग के एसपी अतुल कनाडे ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जहरीली शराब के इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जाएगा।
⚖️ मृतकों के परिजन बनाम प्रशासन
हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी 15 मौतें केवल शराब पीने से नहीं हुई हैं और कुछ मामले हार्ट अटैक या अन्य बीमारियों से भी संबंधित हो सकते हैं, लेकिन परिजनों का आरोप है कि सभी मौतें जहरीली शराब के सेवन के बाद ही हुई हैं। फिलहाल, पूरे मामले की असलियत पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। अस्पताल में भर्ती अन्य पीड़ितों का इलाज जारी है, जिन पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
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