रांची: राजधानी रांची में बच्चों के गायब होने के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। धुर्वा से लापता भाई-बहन और कोकर से गायब एक नाबालिग को पुलिस ने न केवल ढूंढ निकाला, बल्कि बरामदगी के बाद जो चौंकाने वाली वजहें सामने आई हैं, वे अभिभावकों के लिए एक बड़ा सबक भी हैं।
🏠 मां की डांट से नाराज होकर भागे थे भाई-बहन
धुर्वा स्थित पटेल नगर के रहने वाले 10 वर्षीय रोशनी कुमारी और 6 वर्षीय युवांश महतो सोमवार दोपहर को घर से गायब हो गए थे। पिता चिरंजीव महतो की शिकायत पर जगन्नाथपुर पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि मां द्वारा धूप में खेलने से मना करने और डांटने पर दोनों बच्चे नाराज होकर घर से निकल गए थे। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को हटिया इलाके से सुरक्षित बरामद कर लिया है।
🎮 ऑनलाइन गेम का तनाव और दिल्ली तक की दौड़
दूसरी ओर, कोकर इलाके के 15 वर्षीय आशविन आनंद का मामला थोड़ा गंभीर था। 24 मई को अचानक लापता हुए इस नाबालिग की तलाश में सदर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आशविन ऑनलाइन गेम में काफी पैसा हार चुका था, जिसके कारण वह भारी तनाव में था और बिना किसी को बताए नई दिल्ली भाग गया था। पुलिस की तकनीकी टीम ने युवक के दिल्ली में होने का सुराग लगाया और टीम भेजकर उसे सकुशल बरामद कर लिया।
⚠️ अभिभावकों के लिए संदेश
ये दोनों मामले साबित करते हैं कि बच्चों का घर से भागना सिर्फ आपराधिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और मानसिक तनाव से भी जुड़ा हो सकता है। जहाँ एक तरफ छोटे बच्चे मामूली डांट से आहत हो जाते हैं, वहीं किशोर उम्र के बच्चे ऑनलाइन गेम और अन्य तनावों के कारण गलत कदम उठा लेते हैं। पुलिस की इस सफलता ने जहाँ परिजनों को राहत दी है, वहीं अभिभावकों को भी बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने की सीख दी है।
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