Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की अवैध विज्ञापनबाजों को खुली छूट! उल्लंघन करो और नाममात्र खानापूर्ति ... INDORE कनाडिया पुलिस के हत्थे चढ़ा ड्रग तस्करों का बड़ा नेटवर्क,16 लाख रुपए की एमडी ड्रग सहित कार बर... INDORE कनाडिया पुलिस पकड़े महंगे शौक के लिए मोबाइल झपटने वाले दो चोर,फिलहाल पूछताछ जारी खुलेंगे और क... INDORE मुख्यमंत्री के प्रभार का शहर,खतरे में इंदौर की जनता, ना निगमायुक्त को फ़िक्र,न किसी और को चिंत... दतिया उपचुनाव mp में नहीं बदलेगा टिकट, भाजपा का क्लेश ख़त्म! सीएम,प्रदेश अध्यक्ष,नरोत्तम मिश्रा की ब... दतिया उपचुनाव,भाजपा में बगावती दौर,वरिष्ठ नेता लगे डेमेज कंट्रोल में,नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक वनवा... INDORE आईडीए में फर्जीवाड़ा,गिरोह के तीन सदस्य धराएं,एक गिरोह अभी भी पुलिस की जद से बाहर,तीन आरोपित ... INDORE पार्ट 4, पर्यावरण का दुश्मन रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ता और विकासकर्ता,गिट्टी मुरम चो... INDORE महाजाम से परेशान आमजनता,कलेक्टर ने संभाला मोर्चा,MPRDC,मेट्रो,PWD,IDA के अधूरे निर्माण बनी मु... INDORE पार्ट THREE पर्यावरण का दुश्मन रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप,सरकारी जमीन निजी सड़क,तालाब पर कब्ज़ा...

BJP Mission 2028: छत्तीसगढ़ में भाजपा ने शुरू किया ‘मिशन 2028’ का आगाज; युवा, नारी और बस्तर विकास पर फोकस

6

रायपुर: भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ में अभी से ‘मिशन 2028’ की रणनीतिक तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में सत्ता बरकरार रखने के लिए पार्टी ने युवा शक्ति, नारी सम्मान और बस्तर के समग्र विकास को अपने आगामी मिशन का मूल मंत्र बनाया है। भाजपा ने इसके लिए लंबा इंतजार करने के बजाय तत्काल जमीनी स्तर पर काम करना प्रारंभ कर दिया है। संगठन की इस नई रणनीति से साफ है कि 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से बूथ स्तर तक किलाबंदी तेज की जा रही है। इसी योजना के तहत 20 मई को सरगुजा और बस्तर अंचल में भाजपा के तमाम बड़े नेताओं और पदाधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विष्णुदेव साय सरकार के कामकाज, सुदूर गांवों तक विकास योजनाओं को पहुंचाने, ग्रामीण जरूरतों का आकलन करने और सरकार व संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने जैसे मुख्य मुद्दों पर गहन चर्चा की गई ताकि इन्हें प्रभावी ढंग से जनता के बीच रखा जा सके।

🏰 उतार-चढ़ाव भरे इतिहास के बीच मजबूत किलेबंदी की कवायद: प्रभारी नितिन नबीन और उनकी टीम ने संभाला मोर्चा

वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी सांगठनिक रूप से भले ही मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही हो, लेकिन राज्य के राजनीतिक इतिहास को देखते हुए किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा सकती। साल 2014 में देश भर में चली मोदी लहर के बावजूद राज्य की जमीनी सियासत पर अलग असर था, वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में प्रचंड जनादेश होने के बावजूद उससे ठीक पहले हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, 2023 के विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटते ही पार्टी ने बिना वक्त गंवाए 2028 की चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ प्रभारी नितिन नबीन और उनकी टीम इन राजनीतिक चुनौतियों को भांपते हुए संगठन की कमजोर कड़ियों को दुरुस्त करने में तेजी से जुट गई है।

🎯 विपक्ष के घेरे को तोड़ने के लिए नक्सलवाद का खात्मा मुख्य हथियार: पड़ोस के भगवा किलों से भाजपा को मिल रही मजबूती

2028 के दंगल के लिए भाजपा के सामने विपक्ष की ओर से भी बड़ी चुनौतियां खड़ी की जा रही हैं। कांग्रेस पार्टी युवाओं, महिलाओं, कानून व्यवस्था और रोजगार के मुद्दों को लेकर लगातार सरकार की घेराबंदी कर रही है। इन सियासी हमलों के बीच, भाजपा बस्तर संभाग से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा कर वहां अपनी मजबूत राजनीतिक पैठ स्थापित करने को मुख्य ढाल बना रही है। विपक्ष जिन मुद्दों को सरकार के खिलाफ हवा दे रहा है, भाजपा उन्हीं को अपनी भावी रणनीति का आधार बनाकर काउंटर अटैक की तैयारी में है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति भी भाजपा के अनुकूल है; इसके पड़ोसी राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भाजपा की सरकारें हैं, जबकि आंध्र प्रदेश में भी एनडीए गठबंधन की सरकार है। केवल झारखंड में झामुमो की विपक्षी सरकार है, जो आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण जातिगत और क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से भाजपा के लिए एक वैचारिक चुनौती बनी हुई है।

💬 भाजपा की जन कल्याणकारी योजनाओं पर कांग्रेस का पलटवार: भूपेश बघेल का आरोप—’फेल हो चुकी है महतारी वंदन योजना’

छत्तीसगढ़ की सियासत में सत्ता पक्ष की योजनाओं को विपक्ष अक्सर अपने राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। प्रदेश कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि छत्तीसगढ़ की मौजूदा सरकार स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही है, बल्कि यह पूरी तरह दिल्ली दरबार के निर्देशों पर चल रही है। भूपेश बघेल ने सरकार के दावों पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि महिलाओं के लिए शुरू की गई ‘महतारी वंदन योजना’ धरातल पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है और जितनी पात्र महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिलना चाहिए था, वे इससे वंचित हैं। विपक्ष का यह भी कहना है कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और बस्तर के विकास के नाम पर केवल लोक-लुभावन घोषणाएं कर रही है। भाजपा अब विपक्ष के इन्हीं आरोपों को अपनी आगामी कार्ययोजना का हिस्सा बनाकर उनका तोड़ निकालने में लगी है।

🪵 अमित शाह का पंचवर्षीय प्रारूप और 2028 का बस्तर: बस्तर मॉडल ही तय करेगा सत्ता का अगला समीकरण

हाल ही में 18 और 19 मई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान बस्तर के विकास और सुरक्षा को लेकर जो व्यापक रोडमैप सामने रखा गया है, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि 2028 के चुनाव में ‘बस्तर मॉडल’ भाजपा की नैय्या पार लगाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। बस्तर में बुनियादी सुविधाओं का विकास, नक्सली नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना और स्थानीय आदिवासियों के बीच सरकार के प्रति विश्वास बहाल करना ऐसे विषय हैं जो आगामी चुनाव की दिशा तय करेंगे। अमित शाह ने इसके लिए बस्तर केंद्रित एक विशेष पंचवर्षीय योजना का प्रारूप संगठन के सामने रखा है। जहां एक ओर इस नीति से भाजपा कार्यकर्ताओं का हौसला बुलंद है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी पूरी बारीकी से नजर गड़ाए बैठा है कि सरकार से कहां चूक होती है, ताकि उसे विकास के दावों के खिलाफ एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया जा सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!