Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
Mahasamund News: महासमुंद में आकाशीय बिजली का कहर, घर में लगी भीषण आग; पिरदा में एक किसान की मौत Korea News: भूख और बीमारी से जूझ रहा बचरा पोड़ी का ये परिवार, अपाहिज युवक और बीमार मां के पास इलाज क... मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: पेट्रोल पंप ड्राई होने से बढ़ी कालाबाजारी, केल्हारी में ₹150 तक पहुंचा रे... Chhattisgarh News: कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' की मांग, ईंधन संकट के बीच फेडरेशन ने सीएम को ... Dhamtari Petrol Crisis: धमतरी में पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार, पंपों पर लगी लंबी कतारें; कई पंप हुए ... IGKV Raipur Convocation: इंदिरा गांधी कृषि विवि में 11वां दीक्षांत समारोह, 1880 छात्र-छात्राओं को मि... Jalandhar Crime: जालंधर के कबीर नगर में दो गुटों में खूनी संघर्ष, जमकर चले ईंट-पत्थर और गोलियां Patiala Central Jail: पटियाला पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन, फरार कैदियों की तलाश में CIA की छापेमारी Amritsar News: अमृतसर में अवैध कॉलोनियों पर चला पीला पंजा, ADA ने वडाला भिट्टेवड्ड में की बड़ी कार्र... Punjab Haryana High Court: बैंक खाता फ्रीज करने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पूरी बैंकिंग नहीं रोक सकत...

Haryana Electricity Bill: हरियाणा में बिजली सरचार्ज पर सुनवाई टली, अब 10 जून को होगा फैसला

2

चंडीगढ़: हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियों (UHBVN और DHBVN) द्वारा फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) वसूली नियमों में ढील मांगने संबंधी याचिका पर हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने 14 मई को होने वाली प्रस्तावित जनसुनवाई को फिलहाल स्थगित कर दिया है। अब इस महत्वपूर्ण मामले की अगली सुनवाई 10 जून को आयोजित की जाएगी।

📊 कंपनियों की मांग: मासिक के बजाय 47 पैसे प्रति यूनिट की समान दर से वसूली का प्रस्ताव

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने आयोग से एक विशेष अनुमति मांगी है। कंपनियां चाहती हैं कि अतिरिक्त बिजली खरीद लागत को मासिक आधार पर घटाने-बढ़ाने के बजाय आगामी वर्षों में 47 पैसे प्रति यूनिट की एक समान दर से वसूला जाए। कंपनियों का तर्क है कि इससे बिलिंग प्रक्रिया में स्पष्टता आएगी, हालांकि नियामक आयोग इस पर बारीकी से विचार कर रहा है।

⚖️ आयोग का रुख: उपभोक्ता हितों की रक्षा सर्वोपरि, सुनवाई के बाद होगा निर्णय

हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी निर्णय लेने से पहले उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोग सभी पक्षों (बिजली कंपनियों और उपभोक्ताओं) की दलीलें सुनने के बाद ही अंतिम फैसला सुनाएगा। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिजली दरों में पारदर्शिता बनी रहे और आम जनता पर अनावश्यक वित्तीय बोझ न पड़े।

💡 उपभोक्ताओं पर असर: बिल स्थिर रह सकते हैं, लेकिन बढ़ सकता है ब्याज का बोझ

यदि आयोग बिजली कंपनियों के इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो उपभोक्ताओं के बिजली बिल फिलहाल स्थिर रह सकते हैं और उनमें बार-बार होने वाले छोटे बदलावों से मुक्ति मिल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को लंबी अवधि में नुकसान हो सकता है, क्योंकि उन्हें भविष्य में बिल के साथ अतिरिक्त ब्याज जैसी छिपी हुई लागत भी चुकानी पड़ सकती है। 10 जून की सुनवाई इस दिशा में निर्णायक साबित होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!