INDORE, न्यू जीडीसी गर्ल्स कॉलेज में राष्ट्रीय पक्षी मोर की ख़तरे में जान,लगातार घट रही तादाद, आवारा श्वानों का बन रहे शिकार!
राष्ट्रीय पक्षी की जान पर आफ़त,न्यू जीडीसी कॉलेज में घटती जा रही मोरो की संख्या, आवरा श्वानों के बन रहे शिकार,एक दीवार बनी मोरो की मौत की वजह!

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
इंदौर के किला मैदान स्थित न्यू जीडीसी गर्ल्स कॉलेज में वर्षों से राष्ट्रीय पक्षी मोर का आना जाना लगा रहता हैं। कॉलेज के आसपास की घनी हरियाली राष्ट्रीय पक्षी को यहां विचरण करने पर आकर्षित करती हैं। लेकिन फिलहाल उक्त कॉलेज में एक दीवार के ढह जाने के बाद अब उक्त जगह पर मोरो के साथ साथ आवारा श्वानों का आना जाना भी शुरू हो गया हैं। लिहाजा बताया जाता है कि यहां करीब 150 से ज्यादा मोर हुआ करते थे। लेकिन न्यू जीडीसी गर्ल्स कॉलेज की एक दीवार नहीं होने के चलते ये मोरो की संख्या अब मात्र 20 से 25 ही रह गई हैं। क्योंकि श्वान इन मोरो का शिकार लेते हैं। कभी भी विचरण करते समय ये अवारा कुत्ते इन पर हमला बोल देते हैं। जबकि उक्त पूरे मामले में कॉलेज प्रबंधन द्वारा शिकायत करने पर यहां आवारा श्वानों,पशुओं की रोकथाम हेतु बी डी श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी बनाया गया हैं। जबकि मोरो की घटती संख्या को कम करने के लिए कॉलेज प्रबंधन के पास बजट नहीं हैं। लिहाजा जिस दीवार से ये आवारा पशु, श्वान आते जाते वह बन पाना अभी मुश्किल हैं।
मात्र बेनर लगा देने से आवारा श्वानों की रोकथाम

घटती राष्ट्रीय पक्षी मोर की संख्या को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन की और से नोडल अधिकारी बीडी श्रीवास्तव को नियुक्त तो किया गया हैं। लेकिन मात्र कॉलेज परिसर में उनका बैनर टंगा हुआ हैं। लेकिन जमीनी तौर पर उक्त समस्या का किसी के पास कोई स्थाई निराकरण नहीं हैं।
हमारे पास बजट नहीं।

इधर न्यू जीडीसी गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य से जब बातचीत की गई तो वह भी राष्ट्रीय पक्षी मोर की घटती संख्या से चिंतित तो हैं। लेकिन उनके पास इस दीवार को बनाने का बजट नहीं हैं। लिहाजा न्यू जीडीसी गर्ल्स कॉलेज से राष्ट्रीय पक्षी मोर की संख्या लगातार कम होती जा रही हैं।