झारखंड पात्रता परीक्षा 2026: प्रदेशभर में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई परीक्षा, 434 केंद्रों पर तैनात रही पुलिस
माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई. परीक्षा का आयोजन रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और देवघर सहित कुल 6 जिलों में किया गया, जहां लगभग 1.75 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए. राज्यभर में कुल 434 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें रांची में 117, जमशेदपुर में 93, धनबाद में 70 और हजारीबाग में 67 केंद्र थे.
परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की गई
परीक्षा एक ही पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की गई. परीक्षा के निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से व्यापक तैयारी की थी. सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई. संवेदनशील केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त बल की व्यवस्था की गई, जबकि उड़नदस्ता टीमों को लगातार सक्रिय रखा गया.
परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रही
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रही. इसके तहत पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, हथियार लेकर चलने और किसी भी प्रकार की सभा या प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था. प्रशासन की सख्ती का असर पूरे राज्य में देखने को मिला और केंद्रों के आसपास पूरी तरह नियंत्रित एवं शांत वातावरण बना रहा.
IRIS अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया
इस बार परीक्षा में आधुनिक तकनीक का भी प्रभावी उपयोग किया गया. परीक्षार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लगाने के लिए IRIS अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया. इसके अलावा कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई और कुछ स्थानों पर लाइव मॉनिटरिंग भी की गई. प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई तथा मोबाइल, स्मार्ट वॉच जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहा.
रांची सहित अन्य जिलों में उपायुक्तों के नेतृत्व में परीक्षा संचालन की लगातार मॉनिटरिंग की गई. अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. प्रशासनिक सतर्कता और समन्वय के कारण पूरे राज्य में परीक्षा प्रक्रिया व्यवस्थित, नियंत्रित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई.
अनुशासित माहौल के बीच परीक्षा
परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों ने भी प्रशासन की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया. समय पर प्रवेश, स्पष्ट दिशा-निर्देश, सख्त लेकिन सहयोगपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासित माहौल के बीच परीक्षा देने में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई. कई अभ्यर्थियों ने कहा कि बेहतर प्रबंधन के कारण वे बिना तनाव के परीक्षा दे सके.
सेंटर आवंटन को लेकर आपत्ति
हालांकि, परीक्षा शांतिपूर्ण रहने के बावजूद कुछ परीक्षार्थियों ने सेंटर आवंटन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई. अभ्यर्थियों का कहना है कि पर्याप्त संख्या में केंद्र उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें दूसरे जिलों के सुदूर क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ी और आवागमन और समय प्रबंधन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. कई परीक्षार्थियों ने भविष्य में इस प्रक्रिया को और संतुलित बनाने की मांग की है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचार मुक्त तरीके से आयोजित करने के लिए इसी प्रकार की सख्त, टेक्नोलॉजी से चलने वाला और इंटीग्रेटेड सिस्टम जारी रहेगा.
देवघरः
झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा 2024 पूरे राज्य के साथ-साथ देवघर के भी 32 केंद्रों में समाप्त हुई. 10:00 बजे से शुरू हुई परीक्षा दोपहर 1:00 तक चली. परीक्षा के दौरान विधि व्यवस्था का विशेष ख्याल रखा गया. सभी केंद्रों पर कदाचार मुक्त परीक्षा आयोजित करवाने के लिए जिला प्रशासन को सख्त दिशा निर्देश दिए गए थे. परीक्षा केंद्र के 500 गज की परिधि के अंतर्गत किसी भी अनाधिकार व्यक्ति को प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा था. केंद्र के आसपास किसी भी तरह के घातक हथियार या अग्नि शस्त्र लेजाने पर पूरी तरह रोक थी. परीक्षा केंद्र के आसपास किसी भी अनाधिकृत शख्स को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था. जिला प्रशासन की तरफ से कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए हर तरह से तैयारी रखी गई थी.
परीक्षार्थियों ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई
वहीं परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षार्थियों ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा आयोजित जेट(JET) की यह परीक्षा 19 वर्षों के बाद आयोजित की जा रही है. इसलिए परीक्षार्थियों के चेहरे पर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है. वहीं परीक्षा देकर बाहर निकले कई परीक्षार्थियों ने देवघर जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं से नाराजगी भी दिखाई. रांची से परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थी अवधेश कुमार ने कहा कि व्यवस्था के नाम पर केंद्र पर कोई बेहतर इंतजाम नहीं थे. छात्रों को केंद्र तक पहुंचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा.
धनबादः
करीब 19 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) का आयोजन जिले में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. परीक्षा के लिए जिले में कुल 70 केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 23 हजार 634 अभ्यर्थियों ने भाग लिया. वहीं, पूरे राज्य में इस परीक्षा में करीब 1.75 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए. परीक्षा खत्म होने के बाद विभिन्न केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी.
एसएसएलएनटी सहित अन्य परीक्षा केंद्रों से निकले अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था. न तो यह पूरी तरह आसान था और न ही अत्यधिक कठिन. अभ्यर्थी डॉ. अनवर हुसैन ने बताया कि प्रश्नपत्र एक सामान्य स्तर का था, जिसे तैयारी के साथ आने वाले अभ्यर्थी आसानी से हल कर सकते थे. उन्होंने कहा कि परीक्षा में झारखंड राज्य से संबंधित प्रश्न अपेक्षाकृत कम या नहीं के बराबर थे, जबकि अकादमिक विषयों, कम्युनिकेशन स्किल, कंप्यूटर ज्ञान और रिसर्च मेथोडोलॉजी से जुड़े सवाल पूछे गए थे. ये वही विषय हैं, जो विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य के लिए आवश्यक माने जाते हैं.
अभ्यर्थियों ने परीक्षा को संतुलित और अच्छे स्तर का बताया
पेपर-2 को लेकर अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्न देखने में आसान थे, लेकिन उनकी संरचना थोड़ी उलझाने वाली थी. कई प्रश्नों में विकल्पों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही, जिससे सही उत्तर चुनने में समय लगा. हालांकि, कुल मिलाकर अभ्यर्थियों ने परीक्षा को संतुलित और अच्छे स्तर का बताया. परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर प्रशासन ने भी संतोष जताया है. सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं, जिससे परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकी.
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