आत्मनिर्भर इंदौर निगम राजस्व मामलों में खुद घनचक्कर,बिना अनुमति हो जाते बड़े बड़े आयोजन आखिर में कौड़ियों के भाव हो जाता सेटलमेंट।
आत्मनिर्भर इंदौर नगर निगम, राजस्व मामले में खुद घनचक्कर।
मामला एक,,
निगम को लाखों के राजस्व का लग रहा चुना,बिना अनुमति बड़े बड़े आयोजन, आखिर में तथाकथित कर लेते सेटलमेंट।

ऐसा ही गायिका सुनिधि चौहान के कार्यक्रम में हुआ, बगैर अनुमतियों के हो गया आयोजन,इधर अब करन ओझला का शो,क्या नगर निगम वसूल पाएगा एक एक रुपया टैक्स,या फिर हमेशा की तरह सेटलमेंट।
✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर नगर निगम भले आत्मनिर्भर की राह पर चल पड़ा हैं। लेकिन राजस्व मामले में निगम के जिम्मेदार हमेशा की तरह घनचक्कर हैं। और तो और शहर में बड़े आयोजन हो जाते हैं। लेकिन नगर निगम कमिश्नर,नगर निगम अपर आयुक्त,हो या पूरा राजस्व अमला टैक्स वसूली के मामले में सोए रहते हैं। दरअसल हाल ही में पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान का इंदौर के फीनिक्स मॉल में लाइव कंसर्ट आयोजित किया गया था। लेकिन उक्त शो के लेकर आयोजकों द्वारा न ही कोई अनुमति ली थी। न ही इंदौर नगर निगम द्वारा लगाए जाने वाला मनोरंजन टैक्स आयोजकों से वसूला गया। लिहाजा शो हो भी गया और आखिर में तथाकथित निगम के ही अमले ने आयोजक ने मात्र 19 लाख में सेटलमेंट कर दिया गया। मगर उक्त आयोजन से नगर निगम को लगभग पचास लाख रुपयों की आय होनी थी। लेकिन वसूले गए मात्र 19 लाख। क्योंकि खुद निगम के ही विश्वनीय सूत्र बताते है कि उक्त आयोजन में आयोजकों द्वारा लगभग पांच करोड़ की टिकट बिक्री की थी लिहाजा निगम को 10 प्रतिशत के हिसाब से लगभग 50 लाख रूपये मनोरंजन कर के रूप में मिलना था। मगर ऐसे हालातों में आत्मनिर्भर नगर निगम के जिम्मेदार बागड़ बिल्लो को छोड़ शहर की आमजनता पर अतिरिक्त टैक्स का भार थोप रहे हैं। जिसे लेकर खुद अब शहरवासियों में भी निगम के खिलाफ जमकर नाराजी हैं।

एक और शो लेकिन निगम जिम्मेदारों को अता पता नहीं

सुनिधि चौहान के कार्यक्रम के बाद अब करन ओझला का शो इंदौर में होने वाला हैं। लेकिन अब सवाल यही उठ रहा है कि क्या निगम के जिम्मेदार उक्त आयोजन को करने वालों से मनोरंजन कर की पाई पाई वसूलेंगे। या फिर हमेशा की तरह तथाकथित निगम के ही जिम्मेदार सेटलमेंट के नाम पर कोढ़ी वसूलकर कॉलर ऊंची कर लेंगे।
