DAVV डिस्टेंस एजूकेशन विभाग का मामला,एक प्रोफेसर दो दो जगह पदस्थ,नेक टीम को भी कर दिया गुमराह,छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़
DAVV डिस्टेंस एजूकेशन मामला।
नेक को किया गुमराह,एक व्यक्ति दो दो जगह,तो कैसे करवा पाते है छात्रों को पढ़ाई।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का डिस्टेंस एजूकेशन विभाग सुर्खियों में हैं। दरअसल वह इसलिए कि डिस्टेंस एजूकेशन विभाग में कुल छह प्रोफेसर और दो असिस्टेंट रजिस्ट्रार की भर्तियां इसकी प्रमुख वजह हैं। क्योंकि फिलहाल जो आठ लोगों के स्टाफ का हवाला देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की डिस्टेंस एजूकेशन विभाग द्वारा दिया गया हैं। वह सभी प्रोफेसर पहले से ही देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में अन्य विभागों में कार्यरत हैं। लिहाजा डिस्टेंस एजूकेशन करने वाले छात्रों के साथ कहीं न कहीं खिलवाड़ किया जा रहा हैं।
तमिलनाडू में भी ऐसा ही मामला,जहां पड़ा था नेक का छापा।

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के डिस्टेंस एजूकेशन विभाग के जो हालात हैं। उसे लेकर बताया जा रहा है कि कुछ ऐसा ही फर्जीवाड़ा तमिलनाडू के एक विश्वविद्यालय में भी था। जिसकी नेक की टीम को भनक लगने के बाद वहां नेक के दल ने छापामार कार्यवाही की थी।
पहले से है अन्य जगह पदस्थ।

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के डिस्टेंस एजूकेशन विभाग की वेबसाइट पर जिन प्रोफेसर और AR का जो हवाला दिया गया है। वह प्रोफेसर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में पहले से ही अन्य जगह कार्यरत हैं। लिहाजा ये प्रोफेसर कैसे एक समय में दो जगह अपना कार्य करते होंगे। ये बड़ा सवाल अब हर जगह उठ रहा हैं।
ये प्रोफेसर जो है पहले से अन्य जगह पदस्थ

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के डिस्टेंस एजूकेशन विभाग में बताए जा रहे प्रोफेसर मनीष आर्य, आनंद मोरे,रुबीना चौधरी,आर एन सिंह, सीपी पाटीदार,कपिल जैन, पहले से अलग अलग विभागों में कार्यरत हैं। और वहां भी अपना कार्य कर रहे हैं। लेकिन सवाल यही की एक व्यक्ति दो जगहों पर एक समय में कैसे उपलब्ध हो सकता होगा।