मामला इंदौर विकास प्राधिकरण का,रिटायर हुए लेकिन अभी भी IDA से विदाई नहीं,संपदा शाखा का क्लर्क सेवानिवृत्त होने के बाद भी निपटा रहा फाइल।
मामला इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा का।
रिटायर होने के बाद भी नहीं छूट रहा मलाई का मोह, सेवानिवृत्ति के बावजूद भी संपदा शाखा में फाइल निपटाते कर्मचारी।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर विकास प्राधिकरण कमर्चारियों अधिकारियों की वजह से कोई आम व्यक्ति चक्कर पर चक्कर काटता रहता हैं। लेकिन महीनों गुजर जाने के बावजूद भी उसका काम समय पर हो जाए यह गनीमत होगी। मगर अब इसी IDA के संपदा शाखा के बाबू रिटायर होने के बावजूद भी कार्यालय की संपदा शाखा में फाइल निपटाते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। ऐसे कमर्चारियों में से एक है कैलाश दवे जो कि 30 सितम्बर 2025 को इंदौर विकास प्राधिकरण से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। दवे जी का IDA प्रेम कहे या फिर मलाई का मोह। वह रिटायर होने के बावजूद भी रोजाना ida आते हैं और रिटायर होने के पूर्व जिस तरह से बिंदास कार्यालय में फाइल निपटाते थे। वैसे आज भी देखे जा सकते हैं।
काम का शौक नहीं मलाई की है चिंता।

संपदा शाखा के रिटायर क्लर्क कैलाश दवे को लेकर चर्चे इसी बात पर है कि मलाई की चिंताओं के चलते दवे जी को घर नहीं अच्छा लगता। लिहाजा रिटायर होने के बावजूद भी दवे से इंदौर विकास प्राधिकरण भुलाए नहीं जा रहा हैं।
सुरक्षा गार्ड के नाम पर काम कर रहे कई पूर्व कर्मचारी।

इंदौर विकास प्राधिकरण में रिटायर हो चुके पूर्व अन्य कई ऐसे कर्मचारियों को देखा जा सकता है जो पिछले कई वर्षों पूर्व रिटायर हो चुके हैं। लेकिन सुरक्षा गार्ड के नाम पर ऐसे पूर्व कर्मचारी अपनी कुर्सी को कभी नहीं छोड़ते हैं रिटायर होने के बाद भी वह यहीं जमे रहते हैं।
दवे की पार्टी और आलीशान मकान चर्चाओं का विषय।

30 सितम्बर को कैलाश दवे संपदा शाखा से सेवानिवृत्त हो चुके थे। इसी उपलक्ष्य में दवे द्वारा कराई गई फेयरवेल पार्टी चर्चाओं का विषय बनी हुई हैं। जबकि एक अदने से कर्मचारी का आलीशान मकान भी वर्षों से चर्चित रहा हैं।