नियम सिर्फ़ आम जनता के लिए,निगमायुक्त के डी 3 बंगले का बिना कोई टेंडर,न ही औपचारिक अनुमति के रिनोवेशन कार्य,उठ रहे निगम कमिश्नर पर अब सवाल !
नियम कायदों का पालन करवाने निगमायुक्त के बंगले का नियमों के विपरीत कायाकल्प

बिना टेंडर प्रक्रिया के कराया जा रहा कार्य, उठे सवाल,जबकि खुद निगम कमिश्नर ने निरस्त कर दिए कई टेंडर।
✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।

शहर में नियमों और कानूनों की सख्ती से पालन की बात करने वाले नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव खुद ही नियमों को दरकिनार करते दिखाई दे रहे हैं। दरअसल वह इसलिए क्योंकि निगम आयुक्त के सरकारी बंगला नंबर डी 3 रेसिडेंसी स्थित बंगले में बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के मरम्मत और सौंदर्यीकरण सहित अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे है।

इधर इस मामले में सवाल यह उठ रहा है कि जब नगर निगम कमिश्नर खुद पारदर्शिता और नियमों के पालन पर जोर देते है तो उच्च अधिकारी होते हुए भी वह नियमों की अनदेखी क्यों कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बंगले के कायाकल्प के नाम पर हो रहे कार्यों में न तो कोई निविदा प्रक्रिया अपनाई गई है, और न ही इसके लिए औपचारिक स्वीकृति प्राप्त की गई है। इससे निगम के अंदर ही नैतिकता और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

इधर जानकारों का कहना है कि पूर्व में कलेक्टर पद पर रहते हुए नियमों के पालन को लेकर सख्त छवि रखने वाले दिलीप कुमार यादव अब निगम में आते ही “अपवाद” बनते दिख रहे हैं। अब यह सवाल उठा रहे हैं कि “जब नियम आम नागरिकों पर लागू हैं, तो क्या अधिकारी इनसे मुक्त हैं? या फिर नियम सिर्फ आम जनता के लिए ही बनाए गए हैं। अफसरों के लिए नहीं।
