कफ सिरपकांड,सबसे पहले सीएम की पीड़ितों से बात,राजनीतिक मुद्दा बना रही नौनिहालों की मौत को कांग्रेस! दोषी हैं, नप रहे।
सबसे पहले जनता से बात फिर विपक्ष को जवाब। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव पहुंचे छिंदवाड़ा,नाथ क्लब गायब,पटवारी को भी परासिया की जनता ने नकारा। हर बात में राजनीति नहीं होतीं। बच्चों की जान गई हैं,जान जा रही हैं उन्हें बचाएं सरकार की विपक्ष के बयानों का जवाब दे मुख्यमंत्री!

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
छिंदवाड़ा सहित प्रदेश और अब देश के कई राज्यों में कफ सिरप नौनिहालों के लिए जानलेवा साबित हो रहा हैं। इधर विपक्षी दल कांग्रेस के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उक्त मुद्दे पर राजनीति शुरू कर दी हैं। एक अखबार की ख़बर को उन्होंने बयान वीरता के लिए उपयोग किया हैं।

इधर तमाम कार्यक्रमों को छोड़ मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने छिंदवाड़ा की जनता से मिलकर राहत की सांस दी हैं। उन्होंने पीड़ितों को विश्वास दिलाया है कि जो हुआ। उसे तो सुधारा नहीं जा सकता हैं। मगर ज़रूर नौनिहालों की जान पर बनी है तो दोषी नपेंगे जरूर। खैर विपक्षी हमलों के बावजूद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव छिंदवाड़ा पहुंचे।

जिस तरह से उन्होंने इस राजनीतिक मुद्दे बना दिए जाने के बावजूद भी सीएम यादव ने बख़ूबी संजीदगी का उदाहरण पेश किया। वह काबिलेतारिफ हैं। फिलहाल कफ सिरप मामले में नौनिहालों की जान जाने बाद पूरी मोहन सरकार एक्शन मोड में आ गई हैं। दोषियों को चिन्हित करते हुए सबसे पहले उक्त दोनों ही जानलेवा कफ सिरप को जब्त किया जा रहा हैं। ताकि भूलवश भी किसी से अब उक्त कफ सिरप को उपयोग करने की भूल न हो जाए।
डॉक्टर पर प्रकरण, मेडिकल सील,अन्य और भी हो रहे दोषी चिन्हित।
इधर कफ सिरप मामले में डॉक्टर प्रवीण सोनी को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया हैं। सिंडिकेट बनाकर कफ सिरप को ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक पहुंचाने के बाद अपना मेडिकल भी सील कर दिया गया हैं। जबकि अब उक्त मामले में बताया जा रहा है कि खुद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव अन्य दोषियों को खुद चिन्हित करने में लगे हुए हैं। दरअसल जानलेवा कफ सिरप को लेकर सभी की भूमिकाएं जांची जा रही हैं।
