एक दिन का नहीं है नो कार डे अभियान,भविष्य में भी जनता रखेगी याद।
हाइकोर्ट जज,कलेक्टर,निगमायुक्त,खुद मेयर ने कार को किया ना।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर ही ऐसा शहर है, जहां नवाचारों के नए आयाम छुए। और तो और क्या नेता,अधिकारी खुद जनता भी ऐसे नवाचारों का दिल से साथ देती हैं। लगातार तीन सालों से नो कार डे अभियान मनाया जा रहा हैं। जिसमें शहर की जनता सहित हाइकोर्ट जज,कलेक्टर, निगमायुक्त, देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी कुलपति और शहर के प्रथम नागरिक महापौर का पूरा साथ दिया। सोमवार को इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव अपने निवास रेडियो कॉलोनी से सायकिल पर सवार होते हुए लगभग पूरे शहर में घूमे। और शहरवासियों से एक दिन कार का उपयोग नहीं करने का संदेश दिया। इसके साथ ही हाइकोर्ट जज विवेक रूसिया भी कार को छोड़ पैदल ही हाइकोर्ट पहुंचे।
कलेक्टर ने तीन सालों बाद चलाई स्कूटी।


नो कार डे के अवसर इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा भी अपने बंगले से स्कूटी चलाते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर शिवम वर्मा को जरूर दो पहिया चलाने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन तीन सालों बाद चलाई स्कूटी का उन्होंने बखूबी सफर पूरा किया। जबकि कलेक्टर ने बताया कि वह सायकिल तो हमेशा सालभर चलाते हैं। लेकिन स्कूटी का सफ़र उन्होंने तीन सालों बाद किया।
निगमायुक्त ने अपनाया लोक परिवहन।

इधर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव ने नो कार डे के दौरान अपनी कार को घर पर खड़ा रखा। और वह आई बस में अमले के साथ सवार हुए।
शहर के साथ पर्यावरण भी जरूरी।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि शहर को यातायात में नंबर एक बनाने चाहते है तो हमें खुद ही पहल करनी होगी। पब्लिक ट्रासंपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना होगा। जो कि शहर हित तो होगा ही। साथ ही शहर की सड़को पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। और यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा होगा।