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सादगी + सख्ती= कलेक्टर शिवम वर्मा,राजस्व अमला हैं बड़ी चुनौती।

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सादगी और सख्ती, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा की यही पहचान। 

राजस्व अमले पर कमान कसना प्रमुख चुनौती,पुराने अनुभवों ने किया दुखी। 

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

इंदौर नगर निगम आयुक्त रहे और अब इंदौर कलेक्टर बनाए गए शिवम वर्मा की सादगी और सख्ती पूरे प्रदेशभर में मशहूर हैं। क्योंकि शिवम वर्मा की शख्सियत ही कुछ ऐसी हैं। वर्मा जितने नर्म है, उतने ही सख्त हैं। उन्होंने नगर निगम आयुक्त रहते हुए अपनी कार्यशैली का यह परिचय दे दिया हैं। जहां सख्ती की दरकार थी। वहां उन्होंने वो बखूबी निभाई। जबकि सादगी और नरमी के मामले में भी नवागत कलेक्टर ने जो उदाहरण दिए हैं। यह शहरभर की जनता को याद हैं। 

बुजुर्गों का सम्मान दोषियों पर वार। 

नवनियुक्त कलेक्टर शिवम वर्मा जब से इंदौर आए हैं। उन्होंने शहर के बुजुर्गों की जिस तरह सुध ली हैं। उनकी सुनवाई करते हुए समस्याओं का निराकरण किया हैं। वह किसी से छुपा नहीं हैं। और आज भी कलेक्टर बनने के बावजूद शिवम वर्मा अपनी यह व्यवहार नहीं भूले हैं। क्योंकि उन्होंने कलेक्टर का पदभार ग्रहण करते हुए सबसे पहले अनजान बुजुर्ग महिला से आशीर्वाद। और जिस तरह से उन्होंने उक्त महिला से बात की हैं। उसके प्रदेशभर में चर्चे हैं। 

राजस्व अमला मुख्य समस्या। 

कलेक्टर कार्यालय में यूं तो हालात सबकुछ ठीक हैं। लेकिन राजस्व अमला जिनमें तहसीलदार,पटवारी,और राजस्व निरीक्षक मुख्य समस्या हैं। जो कामकाज करने में काफी ज्यादा कतराते हैं। और आम जनता को जारी राजस्व प्रकरणों को लेकर सालों तक चक्कर लगवाते रहते हैं। हालात यह है कि सालों तक राजस्व प्रकरणों का निराकरण नहीं होता हैं।

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