अंतिम चौराहा पर मेडिकैप्स ग्रुप की बस बुझाए दो चिराग,याद आया बायपास का हादसा,इधर परिवहन विभाग लगा खानापूर्ति में।
वाह इंदौर जिला परिवहन अधिकारी और अमला,
अभी तो मेडिकैप्स ग्रुप की बस की असलियत सामने, दो चिराग बुझ गए।

index स्कूल,कॉलेज, बसों सहित अन्य बेतरतीब,खटारा बसों को ,कबाड़ी के पास भेजने की जरूरत।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
बड़ा गणपति से राजमोहल्ला मार्ग स्थित अंतिम चौराहा पर मेडिकैप्स ग्रुप की बस ने दो जवान प्रतिभाशाली बच्चों की जान ले डाली। अब अपने चिराग के बुझ जाने के बाद जहां परिजन मातम मनाएंगे। वहीं दूसरी तरफ जिला परिवहन कार्यालय के जिम्मेदार इंदौर आरटीओ सहित उनका पूरा चम्मच अमला लीपापोती में लग जाएगा। लेकिन यह जो इंदौर में बुधवार को हुआ। वैसे इशारे लगभग रोजाना,शहर के किसी न किसी मार्ग पर दौड़ रही स्कूली बसों को बेखौफ दौड़ते देखे जा सकते हैं।

परिवहन अमला खानापूर्ति और कमाई।
दरअसल कई खबरों में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना कोई बुरी बात नहीं हैं। क्योंकि इंदौर परिवहन अधिकारी अमले के क्या हालात है, यह अब किसी से छुपे नहीं हैं। खानापूर्ति और मलाई और कुछ नहीं। जिसका अब न्यूज with tadka डॉट कॉम सिलसिलेवार पोल खोलता रहेगा। खैर इनकी ही लापरवाहियों की वजह से खटारा अनफिट बसें,ड्राइवर सड़क हादसों की मुख्य वजह हैं।
बायपास भी बन चुका साक्षी।
पिछले कुछ वर्षों पूर्व बायपास पर दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस का हादसा हुआ था। परिवहन विभाग की सुस्त कार्यशैली की वजह से मासूम नौनिहाल,अपनी जान तक गंवा चुके हैं। और उस वक्त भी परिवहन विभाग अमले ने मात्र खानापूर्ति की कार्यवाही की थी। लेकिन ठोस स्थाई निराकरण निकालने से आरटीओ अधिकारी और अन्य जिम्मेदार हमेशा कतराते ही रहे हैं।
दो चिराग बुझ छात्रा और इंजीनियर आए चपेट में,
बड़ा गणपति से राजमोहल्ला की और निकली मेडिकैप्स ग्रुप की अंधाधुंध बस ने एक दो पहिया और सायकिल सवार छात्रा को अपनी चपेट में लिए जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ इसी मेडिकैप्स ग्रुप की बस ने अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया हैं।