सृजन अभियान धड़ाम,नेताओं दिग्गी जीतू की लड़ाई में नहीं हो पा रहा दावेदारों का निकाल। रास्ता देख रहे कांग्रेसी।
कांग्रेस सृजन अभियान
जिला, शहर कांग्रेस अध्यक्ष, रास्ता तक रहे नेता,
दावेदारों का कहना आखिर कब होगी घोषणा।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
राहुल गांधी द्वारा देशभर में पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए सृजन अभियान चलाया ताकि उपयुक्त और योग्य उम्मीदवार को इस बार मौका मिले। और योग्य और काबिल दावेदार को ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष और शहर कांग्रेस अध्यक्ष का जिम्मा सौंपा जाए। लिहाजा इसी के चलते पर्यवेक्षक इंदौर आए भी और उन्होंने रायशुमारी लेते हुए, रिपोर्ट दिल्ली तक पहुंचा भी दी। लेकिन अब समय गुजरता जा रहा हैं। अब दावेदारों सहित अनेक कांग्रेसी ऐसे है जो अब इंतजार करते करते थक चुके है। क्योंकि पार्टी ने जो टाइम लाइन तय की थी। उसके मुताबिक तो इंदौर सहित पूरे मध्यप्रदेश को निर्णय लेने में काफी ज्यादा समय लग गया हैं। जिसे देखते हुए अब दावेदार भी पार्टी की लेटलतीफी से खासे परेशान तो हो ही रहे हैं। साथ ही साथ अब वह नाराज़ भी हो गए हैं। क्योंकि जिस तरह से पार्टी नेताओं ने दावेदारों को घुंघरू बांधे अब वह घुंघरू बांधकर बैठे दावेदार थक चुके हैं।
जिला अध्यक्ष को लेकर पटेल बौरासी में पेंच
इधर बताया जा रहा है कि जिला अध्यक्ष को लेकर रीना बौरासी और राधेश्याम पटेल को लेकर पार्टी में माथापच्ची का दौर जारी है। क्योंकि पार्टी के कई नेता ऐसे है और सृजन अभियान की भी बात करे तो इस दौड़ में रीना बौरासी ने सभी नेताओं को पछाड़ दिया है। जबकि राधेश्याम पटेल के लिए खुद सत्यनारायण पटेल जी जान से लगे हुए हैं। ताकि किसी भी स्थिति में जिलाध्यक्ष की कुर्सी उनके पाले में आ जाए। लिहाजा इसीलिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर खींचतान तो जारी है और पार्टी नेता इंदौर जिला अध्यक्ष की घोषणा करने से बच रहे हैं।

गुटबाजी में उलझा मामला
इसके अलावा सबसे प्रमुख कारण सामने जो आ रहा है वह है गुटबाजी। क्योंकि जिला अध्यक्ष को लेकर राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल कोई निर्णय होने नहीं दे रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शहर अध्यक्ष को लेकर खुद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अड़ गए है कि उनसे जुड़े कांग्रेसी को ही शहर अध्यक्ष की कमान सौंपी जाए।

अमन बजाज सबकी पसंद। लेकिन पटवारी ने डाला अड़ंगा।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर रायशुमारी से लेकर योग्यता और सभी मामलों में अमन बजाज फिट बैठते हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी चिंटू को लेकर माथापच्ची कर रहे हैं। ताकि किसी भी स्थिति में यह कुर्सी अन्य गुट के पास नहीं जाए।
दिग्गी जीतू की लड़ाई में नहीं हो रहा फैसला।

राजनीतिक रूप से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के गुरु माने जाते है लेकिन पिछले कई दिनों से इन दोनों ही नेताओं के बीच कुछ सही नहीं चल रहा हैं। लिहाजा शहर और जिला अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर दिग्गी और जीतू की लड़ाई सामने आ तो रही है साथ ही साथ आड़े भी आ रही हैं।