महापौर पुष्यमित्र भार्गव का तीन वर्षीय कार्यकाल,सोलर,सीसीटीवी,डिजिटल पता,पोर्टल,और विकास के पितृ पुरुष ,जनता रखेगी हमेशा याद।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के तीन साल,नवाचारों में आगे तो कामों में भी नहीं रहे पीछे।
सोलर,सीसीटीवी,पेयजल, कर्बला जमीन,डिजिटल पता और निगम का खुद का शुरू हुआ स्वतंत्र पोर्टल।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तीन वर्षों पूर्व आज के ही दिन नगर निगम इंदौर की कमान संभाली। जनता ने भी उनकी काबिलियत देखते हुए यह जिम्मा भारी मतों से जिताते हुए उन्हें सौंपा था। जिसे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बखूबी निभाया भी। फिलहाल महापौर के तीन वर्षीय कार्यकाल में सैकड़ों उपलब्धियां हैं। जिन्हें गिनाया जा सकता है तो दर्जनों कार्य ऐसे है जिन्हें खुद जनता भी स्वीकार करती है कि महापौर के तीन साल बेमिसाल रहे हैं। इस दौरान नगर निगम में विषम परिस्थितिया देखने को मिली लेकिन नगर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उसका भी सामने से खड़े रहकर सामना किया।
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सोलर के पितृ पुरुष महापौर
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महापौर पुष्यमित्र भार्गव को इंदौर शहर में पर्यावरण हितैषी महापौर भी कहा जाता है क्योंकि उन्होंने सबसे पहले जलूद पंप स्टेशन पर भारी भरकम करोड़ों रुपए के बिजली बिल का अंत करते हुए सोलर सिस्टम जलूद में स्थापित करवाया जिसकी ही वजह से नगर निगम खजाने पर करोड़ों रुपए के बिजली बिल का भार कम हुआ। यहीं नहीं अब शहर की जनता महापौर को सोलर मामले में पितृ पुरुष के रूप में जानती है। क्योंकि महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जिस तरह से शहर में निजी और व्यवसायिक बहुमंजिला हो या निजी भवनों में सोलर सिस्टम प्रणाली लगवाते हुए जनता को भी भारी भरकम विद्युत बिलों से निजात दिलाई गई।

खुद का पोर्टल
एक समय था जब नगर निगम इंदौर भोपाल से संचालित नगरीय प्रशासन विभाग के पोर्टल पर निर्भर था। इतने ज्यादा वर्क लोड की वजह से कई बार देखा जाता था कि यह पोर्टल जनता की परेशानी की वजह बन जाता था। लेकिन अब इंदौर नगर निगम का खुद का निजी पोर्टल है। जिसकी सहायता से अब जनता बिना कोई परेशानी के तमाम तरह के करो का भुगतान आसानी और घर बैठे भी कर सकती हैं।
डिजिटल पता,QR स्कैन से मिलती पूरी जानकारी।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव के तीन वर्षीय कार्यकाल में सबसे अहम कार्य डिजिटल पता भी है जिसकी सहायता से अब शहर का हर पता स्मार्ट हो गया हैं। मात्र QR स्कैन करने से संबंधित व्यक्ति की पूरी जानकारी मोबाइल से ही हासिल की जा सकती है। जिसकी वजह से किसी भी व्यक्ति का काफी ज्यादा समय भी बच रहा हैं।
हुकुमचंद के मजदूर देते है दुआएं।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक ऐसे मामले का निराकरण किया जिसकी वजह से पिछले 30 सालों से हुकुमचंद मिल मजदूर वर्षों से अलग अलग सरकारों और अधिकारियों के खिलाफ अपने हक के लिए हजारों प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन महापौर ने हुकुमचंद मिल मजदूरों का मामला निपटाया उसके बाद सैकड़ों मिल मजदूर उन्हें दुआ दे रहे हैं। क्योंकि वर्षों से उलझे उनके मामले को महापौर ने बहुत ही समझदारी से अंजाम तक पहुंचा दिया।
इसके अलावा सैकड़ों ऐसे कार्य जो जनता को रहेंगे याद

महापौर के तीन वर्षीय कार्यकाल में सैकड़ों कार्य है। जिनमें ITMS सिस्टम, इंटर्नशिप WITH महापौर,नगर निगम को पेपरलेस वर्क की तरफ ले जाना,इंदौर क्लाइमेट मिशन,डिजिटल मास्टर प्लान,योग शेड निर्माण, संजीवनी क्लिनिक स्थापना,1550 किमी पेयजल पाइप लाइन,635 किमी शहरी सीमा की नई सड़के, 787 स्थानों पर 350 किमी ड्रेनेज लाइन,प्राकृतिक जलस्रोतों को सहेजना,वॉटर हार्वेस्टिंग,23 नए पुल पुलिया निर्माण,450 नए कचरा वाहन,27 नई पानी की टंकी निर्माण, 3 लाइब्रेरी, सहित अन्य सैकड़ों कार्य ऐसे है जो खुद करवाकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी याद नहीं रखेंगे लेकिन इंदौर शहर की जनता उन्हें हमेशा जरूर याद रखेगी।