कलेक्टर के आदेश पर भारी पटवारी

सप्ताह में दो दिन भी तहसील कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते
इंदौर। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने आदेश दिए थे कि सभी पटवारी सोमवार एवं शुक्रवार को तहसील कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। लेकिन आदेश के बावजूद पटवारी कार्यालयों में नहीं मिलते हैं। कभी न्यायालय तो कभी किसी दूसरी जगह व्यस्त होने के नाम पर पटवारी तहसील में नहीं मिलते। जिले की सभी तहसीलों में सीमांकन, बटांकन सहित जमीन संबंधी कार्यो के आलावा पटवारियों के थाना क्षेत्रों के कार्यो के लिए पटवारियों को कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य है। पटवारियों का अधिकांश काम कार्यालय से बाहर का होता है। और कार्यालयीन काम के लिए पटवारी दफ्तरों में नहीं मिल पाते हैं। जिसके चलते कलेक्टर आशीष सिंह ने आदेश जारी किए थे कि सभी पटवारी कार्यालयीन कार्य के लिए सप्ताह में दो दिन सोमवार एंव शुक्रवार को पूरे समय तहसील मुख्यालय में उपस्थित रहेंगे। कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक पटवारियों को कार्यालयों रहना चाहिए। मगर पटवारी कभी फिल्ड कार्य, कभी न्यायालय, कभी प्रोटोकाल तो कभी किसी अन्य कार्य में व्यस्तता बताकर कार्यालय से गायब रहते हैं। यह स्थिति संकुल स्थित जूनी इंदौर अथवा बिचौली ही नहीं बल्कि राऊ, मल्हारगंज, सांवेर, हातोद, बेटमा, खुडैल, देपालपुर और महू सहित सभी तहसीलों में है। कुल मिलाकर कलेक्टर के आदेश के बावजूद किसी न किसी बहाने से कार्यालय से नदारद रहते हैं जिसके चलते जमीनों संबंधी एवं किसानों का काम समय पर नहीं हो पा रहा है। 6 कार्य दिवस में 2 दिन की जगह एक दिन भी पूरे समय पटवारी कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते हैं।