Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Supreme Court on Fake News: 'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की जानकारी स्वीकार नहीं', सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी ... Delhi Mayor Election 2026: बीजेपी ने प्रवेश वाही को बनाया मेयर उम्मीदवार, AAP के चुनाव न लड़ने से जी... West Bengal Elections: मुर्शिदाबाद में मतदान के दौरान भयंकर हिंसा, TMC और हुमायूं कबीर के समर्थकों क... Supreme Court on I-PAC Raid: 'इससे राष्ट्रपति शासन की स्थिति पैदा हो सकती है', आई-पैक रेड मामले पर S... West Bengal Elections: 'झालमुड़ी मैंने खाई, झटका TMC को लगा', वोटिंग के बीच बंगाल में बोले PM मोदी; ... Bengaluru: आईफोन फैक्ट्री के टॉयलेट में लड़की बनी मां, बच्चे को जन्म देते ही रेता गला; रोंगटे खड़े क... पटना में गजब का फ्रॉड! रसगुल्ला खिलाकर हड़प ली करोड़ों की जमीन, न्याय की गुहार लेकर डिप्टी CM सम्राट... पति के दोस्त संग रचाई शादी, फिर WhatsApp स्टेटस लगाकर किया ऐलान; देखकर पति के उड़े होश, 2 साल पहले ह... शादी में खूनी खेल! नेग में मांगे ₹11000, दूल्हे के पिता ने मना किया तो किन्नरों ने चला दी गोलियां; प... Nashik TCS News: नासिक टीसीएस में महिला कर्मचारी का उत्पीड़न, धर्मांतरण के दबाव और टॉर्चर पर पीड़िता...

नगर निगम के जिम्मेदार करते सिर्फ घोषणा,मामला वॉटर 🏧 का,आनन फानन में टेंडर भी हो गए,अधिकारियों को पता नहीं, करना क्या और कैसे,कहां लगाएं?हो रहे चक्करघिन्नी

0 297

घोषणा सिर्फ घोषणा ,तैयारी शून्य,मामला वॉटर 🏧 का,

अफसर हैरान परेशान लगाएं कहां मशीनें, जिम्मेदार सिर्फ कर देते घोषणा।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार

इंदौर।

इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार जिनमें महापौर पुष्यमित्र भार्गव हो या और कोई सिर्फ घोषणाभर कर देते हैं। लेकिन उनकी इन घोषणाओं से निगम के काबिल अधिकारी बाद में चक्कर घिन्नी होते रहते हैं। लेकिन उन्हें महीनों तक पल्ले नहीं पड़ता है कि आखिर इन महानुभावों के बड़े बोल के बाद वह करें भी तो क्या करें। क्योंकि होता कुछ ऐसा ही है कि जिम्मेदार बड़ी बातें तो कर देते है लेकिन इन्हें लेकर पहले से कोई प्रस्ताव,कार्ययोजना, या अन्य कोई तैयारियां पहले से तय नहीं रहती हैं। लिहाजा जिम्मेदार घोषणाएं तो कर देते हैं, मगर उसके बाद अधिकारी जिम्मेदारों के दावों को पूरा करने में हैरान परेशान हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ मामला शहरभर में वॉटर एटीएम लगाने को लेकर हुआ हैं। जिसकी घोषणा गर्मियों में महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा बड़े बड़े दावों के साथ की थी। लेकिन अधिकारी अभी तक वह स्थान चयनित नहीं कर पाए जहां वॉटर एटीएम लगाने हैं।

आनन फानन और हो गए टेंडर

 

इधर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने गर्मियों में शहर में वॉटर एटीएम लगाने की बातें कहीं थी। लिहाजा आनन फानन में वॉटर एटीएम लगाने के नगर निगम ने टेंडर तक बुलवा लिए। उक्त प्रक्रिया में दो कंपनियों ने टेंडर भी डाल दिए। लेकिन उसके बाद से ही अधिकारियों जिनमें नर्मदा जलप्रदाय कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव की मशक्कते शुरू हो गई। क्योंकि आजतक वह यह तय नहीं कर पा रहे है कि आखिरकार वॉटर एटीएम लगाए कहां जाएं।

पुरानी व्यवस्थाएं धड़ाम,अब नया प्रयोग।

दरअसल गर्मियों में राहगीरों के लिए पहले से प्याऊ जैसी दर्जनों व्यवस्थाएं होती हैं जिससे वह अपने कंठ गिले कर लेते हैं। लेकिन यह पुरानी व्यवस्थाएं अव्यवस्थाओं की शिकार हो गई हैं। और एक नया प्रयोग वॉटर एटीएम का नगर निगम द्वारा किया जा रहा है जो कि सीधे तौर बुद्धिजीवी इसे पैसों की बर्बादी करार दे रहे हैं।

नकल करने के लिए अभी भी जारी कोशिशें।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने घोषणाओं में वॉटर एटीएम लगाने की बात तो कर दी हैं,लेकिन अब बिना कोई प्रस्ताव,कार्ययोजना, से जूझ रहे अधिकारी ऐसे शहर की तलाश में हैं। जहां पहले से वॉटर एटीएम लगाए गए हो। ताकि इंदौर नगर निगम उसकी नकल कर सके।

कहां लगाने यह तक पता नहीं।

जिम्मेदार हमेशा मुंह हिलाकर भूल जाते है। लेकिन पूरी कहानी में अधिकारी बलि का बकरा बन जाता हैं। क्योंकि महापौर पुष्यमित्र भार्गव वॉटर एटीएम लगाने पर राजनीतिक रूप से नाम तो कमा गए। लेकिन अधिकारियों को अभी तक इसकी जानकारी नहीं है कि आखिर यह वॉटर एटीएम किन 25 स्थानों पर लगाएं।

आगे पाठ पीछे सपाट
नगर निगम इंदौर में फिलहाल सिर्फ घोषणाओं और दावों का दौर जारी हैं। जो अवसर,मौका आए उसे लेकर बड़े बड़े इवेंट तो आयोजित हो जाते है लेकिन बाद में वह जिम्मेदार खुद भूल जाते हैं। 

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!