मामला गुलमर्ग परिसर की ग्रीन बेल्ट जमीन पर एयरटेल के मोबाइल टॉवर का,जिम्मेदारों को सूंघ गया सांप,एक मामले में कार्यवाही,दूसरे में हुए चुप
मामला गुलमर्ग परिसर स्थित ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध निजी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल के मोबाइल टॉवर का।

जिम्मेदारों को सूंघ गया सांप,एक तरफ गड्ढा करने वाली कंपनी पर जुर्माना,वहीं दूसरी तरफ खुली छूट।
✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार
इंदौर।
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत बनाए गए गुलमर्ग परिसर की मुख्य सड़क के डिवाइडर स्थित ग्रीन बेल्ट की जमीन पर निजी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने मोबाइल टॉवर तान दिया हैं। वहीं दूसरी और स्कीम 54 में इसी कंपनी द्वारा गड्ढे में सड़क ला देने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव,सहित खुद निगमायुक्त शिवम वर्मा ने कंपनी पर आर्थिक जुर्माना और FIR करवाने के बाद खुद की पीठ थपथपाई। मगर गुलमर्ग परिसर की ग्रीन बेल्ट की जमीन पर निजी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल के मोबाइल टॉवर पर इन जिम्मेदारों की चुप्पी। दर्जनों सवालों को जन्म दे रही हैं।
आखिर निजी टेलीकॉम कंपनी को जिसकी शह
निजी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने सड़क के बीचों बीच ग्रीन बेल्ट की जमीन पर मोबाइल टॉवर तान दिया हैं। लिहाजा अब सवाल बार बार सामने यही आ रहा है कि आखिरकार किसकी शह पर ग्रीन बेल्ट की सरकारी जमीन पर निजी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल का टॉवर तान दिया गया।
महापौर,सहित सभी चुप।
स्कीम 54 में एयरटेल द्वारा लाइन डालने के दौरान नगर निगम की वेस्ट पानी लाइन डेमेज कर दी थी। इसकी वजह से सड़क पर विशालकाय गड्ढा हो गया था। लिहाजा उक्त कार्यवाही में भी महापौर पुष्यमित्र भार्गव,निगम कमिश्नर शिवम वर्मा सहित अन्य जिम्मेदार एक तरफा कार्यवाही के चलते सवालों से घिर गए थे। क्योंकि उक्त दोनों ही जिम्मेदारों ने सिर्फ एयरटेल पर आर्थिक जुर्माना और FIR की कार्यवाही की थी। लेकिन संबंधित जोनल कार्यालय के जिम्मेदार निगम पर इन दोनों ने ही नरमी बरतते हुए कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। लिहाजा अब ग्रीन बेल्ट जमीन पर बेखौफ मोबाइल टॉवर तान देने के बाद एक बार फिर महापौर पुष्यमित्र भार्गव सवालों के घेरे में आ गए हैं। क्योंकि उन्होंने उक्त पूरे मामले में चुप्पी साध ली हैं हालांकि न्यूज WITH तड़का ने उनके मीडिया सलाहकार शरद व्यास से लेकर खुद उनसे भी संपर्क करना चाहा। लेकिन कोई भी उक्त मामले में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने में सामने नहीं आए।