Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Supreme Court on Fake News: 'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की जानकारी स्वीकार नहीं', सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी ... Delhi Mayor Election 2026: बीजेपी ने प्रवेश वाही को बनाया मेयर उम्मीदवार, AAP के चुनाव न लड़ने से जी... West Bengal Elections: मुर्शिदाबाद में मतदान के दौरान भयंकर हिंसा, TMC और हुमायूं कबीर के समर्थकों क... Supreme Court on I-PAC Raid: 'इससे राष्ट्रपति शासन की स्थिति पैदा हो सकती है', आई-पैक रेड मामले पर S... West Bengal Elections: 'झालमुड़ी मैंने खाई, झटका TMC को लगा', वोटिंग के बीच बंगाल में बोले PM मोदी; ... Bengaluru: आईफोन फैक्ट्री के टॉयलेट में लड़की बनी मां, बच्चे को जन्म देते ही रेता गला; रोंगटे खड़े क... पटना में गजब का फ्रॉड! रसगुल्ला खिलाकर हड़प ली करोड़ों की जमीन, न्याय की गुहार लेकर डिप्टी CM सम्राट... पति के दोस्त संग रचाई शादी, फिर WhatsApp स्टेटस लगाकर किया ऐलान; देखकर पति के उड़े होश, 2 साल पहले ह... शादी में खूनी खेल! नेग में मांगे ₹11000, दूल्हे के पिता ने मना किया तो किन्नरों ने चला दी गोलियां; प... Nashik TCS News: नासिक टीसीएस में महिला कर्मचारी का उत्पीड़न, धर्मांतरण के दबाव और टॉर्चर पर पीड़िता...

IDA,14000 संपत्तियों के आड़े आ रहे नियम कायदे

0 227

IDA, 14000 प्रॉपर्टी के आड़े आ रहे नियम, फ्री होल्ड प्रक्रिया बनी चुनौती।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार
इंदौर।
इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा अलग अलग संस्थाओं को अपनी अलग अलग योजनाओं में दिए गए 14 हजार से ज्यादा भूखंड को प्राधिकरण फ्री होल्ड करने में असक्षम हैं। क्योंकि इस पूरी प्रक्रिया में सरकार के ही नियम कायदे आड़े आ रहे हैं। लिहाजा उक्त संपत्तियां ida की होती हुई भी इंदौर विकास प्राधिकरण की नहीं कहलाती हैं। इसलिए इन्हें फ्री होल्ड करने में शासन स्तर की बाधाएं उक्त प्रक्रिया में अड़चन का कार्य कर रही हैं।

क्या कहते है नियम

दरअसल इंदौर विकास प्राधिकरण के बनाए गए नियमों के मुताबिक संस्थाओं को इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा दिए गए भूखंड नो प्रॉफिट नो लॉस पॉलिसी के तहत दिए गए हैं। लिहाजा धारा 8 के अनुसार ऐसे नो प्रॉफिट नो लॉस पॉलिसी वाली केटेगरी के भूखंड को फ्री होल्ड नहीं किया जा सकता हैं। क्योंकि ऐसे भूखंडों से IDA की आय का एकमात्र साधन लीज नवीनीकरण भुगतान राशि से ही होता हैं। लिहाजा IDA इन्हें फ्री होल्ड कर नहीं सकता हैं।

विशेषज्ञों का कहना सिर्फ नियम ही पाबंदी।

इधर इंदौर विकास प्राधिकरण से जुड़े जानकारों का कहना है कि तकनीकी रूप से संस्थाओं को भी IDA ने ही उक्त भूखंड आवंटित किए हैं। अब यह IDA के ही द्वारा आवंटित भूखंड हैं। जिन्हें फ्री होल्ड किया जा सकता हैं। लेकिन नियम इसमें आड़े आते हैं। जिसे लेकर ida की तरफ से भोपाल तक पत्र व्यवहार तक किया जा चुका हैं। फिलहाल इसे लेकर अभी तक भोपाल से कोई स्पष्ट निर्देश प्राधिकरण को प्राप्त नहीं हुए हैं।

जो नियम कहते है उनका पालन ही करते हैं

चर्चा में इंदौर विकास प्राधिकरण मुख्य कार्यपालिक अधिकारी आर पी अहिरवार ने कहा कि हम नियम कायदे के अनुसार ही किसी भी प्रक्रिया को करते हैं। बात रही संस्थाओं के प्लाट या संपत्तियों की तो उन्हें फ्री होल्ड करना आईडीए के बस में नहीं हैं। हम केवल उन्हीं भूखंडों को फ्री होल्ड कर सकते हैं। जिन्हें खुद ida ने लॉटरी,या निविदा के मार्फत विकसित करते हुए विक्रय किया हो। लेकिन संस्थाओं के भूखंडों को हमने नो प्रॉफिट नो लॉस पॉलिसी के तहत संस्थाओं सदस्यों को दिया हैं। 

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!