वार्ड 58 फरार अनवर कादरी,,,,,,,,,
जनता हो रही परेशान,वार्ड का पहला नागरिक ही गायब। कांग्रेस और बाणगंगा पुलिस चुप,,,,
उपचुनाव की आ सकती हैं नौबत।

✍🏻 अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार
इंदौर।
विधानसभा क्षेत्र क्रमांक तीन का वार्ड 58 पार्षद विहीन है। दरअसल लव जिहाद फंडिग में भगोड़े कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी का अभी तक कोई अता पता मालूम नहीं हैं। इधर बाणगंगा थाना की पूरी पुलिस और खासतौर से थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर भले प्रकरण दर्ज कर और इनाम तक घोषित करने के बाद ठंडी पड़ गई हो। लेकिन प्रशासन का चाबुक चला और अनवर कादरी पर 18 मुकदमे दर्ज होने के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कलेक्टर आशीष सिंह ने कार्यवाही कर दी हैं। लिहाज़ा अब वार्ड 58 जनता परेशान है। क्योंकि वार्ड जो कांग्रेसी पार्षद का हैं। लिहाज़ा लव जिहाद फंडिंग में फरार अनवर कादरी पर कसी जाती नकेल के चलते अब वार्ड में ही उपचुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई हैं। दरअसल इसके पूर्व महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कानूनन अनवर को बर्खास्त करने की जो प्रक्रिया कर दी थी। लिहाज़ा अब वार्ड 58 में उपचुनाव की संभावनाएं बनती जा रही हैं। हालांकि अभी वार्ड 58 और पार्षद अनवर कादरी के साथ क्या क्या होगा यह बाकी हैं।
महापौर पहले ही कर चुके मांग
पिछले दिनों लव जिहाद फंडिग में फरार हुए और 10 हजार के इनाम घोषणा के बाद कादरी महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने संभागायुक्त दीपक सिंह लिखित में अनवर कादरी को पार्षद पद से हटाने के मांग की थी। फिलहाल महापौर पुष्यमित्र भार्गव के उक्त मांगपत्र को क्या हुआ। यह खुद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ही जाने। लेकिन अगर संभाग कमिश्नर दीपक सिंह इसे लेकर कोई सख्त कदम उठा लेते हैं तो वार्ड 58 में उपचुनाव की संभावनाएं प्रबल हो जाएगी।
कांग्रेस और पूरी कांग्रेस पूरी तरह चुप,मानो मुंह पर बांधी पट्टी।

खुद अपने ही कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी के लव जिहाद फंडिग से लेकर प्रकरण दर्ज होने के बाद और रासुका लगाए तक के पूरे मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुंह पर पट्टी बांध ली। जीतू इसे लेकर कुछ भी कहना उचित नहीं समझ रहे हैं। इसके पूर्व भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से न्यूज WITH तड़का ने संपर्क करना चाहा। लेकिन अनवर नाम के जिन्न से जीतू भागते फिर रहे हैं।
बाणगंगा पुलिस पूरी तरह नाकाम।
इधर अनवर कादरी मामले में बाणगंगा पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हो गई हैं। लव जिहाद फंडिग मामले प्रकरण दर्ज करने से लेकर आजतक बाणगंगा पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठे गई हैं। लेकिन थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर के पास इसे लेकर कोई जवाब नहीं हैं।