पेट्रोल पंप संचालकों की महाजाम नगर में हुई बल्ले बल्ले,जनता बेचारी पिसाई।
अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार

इंदौर।
शहर में व्याप्त महाजाम महामारी के चलते अब पेट्रोल पंप संचालकों की बल्ले बल्ले हो गई है। क्योंकि शहरी क्षेत्रों से लेकर आसपास मुख्य मार्गों,बायपास, रिंग रोड,सहित शहर के चारों और स्थित पेट्रोल पंपों पर डीजल,सीएनजी गैस और पेट्रोल की मांग यकायक इजाफा हो गया हैं। जिसका सीधा लाभ पेट्रोल पंप संचालकों को हो रहा हैं। हालांकि यह उनकी जबरदस्ती हैं कि वाहन चालकों को उनके यहां से पेट्रोल भरवाना ही पड़ेगा। लेकिन इस अचानक बढ़ी ईंधनों की मांग के चलते महाजाम जिम्मेदार साबित हो रहा हैं। लिहाजा इसका सीधा असर वाहन चालक यानी आम जनता पर पड़ रहा हैं। कई लोग तो ऐसे तो जिनका महीने का बजट पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया हैं। अब उन्हें वाहन शहर में रेंगाने तो उन्हें इस अतिरिक्त खर्च का बोझ झेलना पड़ रहा हैं। तो अब कई वाहन चालक ऐसे भी हैं जिन्होंने सायकल तक निकालने की सोच ली हैं।
प्रतिदिन हजारों नहीं लाखों लीटर महाजाम में बर्बाद।
शहर में सरकारी आकंड़ों की बात की जाए तो मोटर साइकिल,स्कूटर्स,चार पहिया, कर्मशियल वाहनों की बात की जाए तो महाजाम नगर यानि इंदौर में एक करोड़ से ज्यादा तक वाहन हैं। जिनमें से आधे भी महाजाम की भेट चढ़ रहे है तो प्रतिदिन लाखों लाख लीटर से ज्यादा ईंधन जाम में बर्बाद हो रहा हैं।