IDA संपदा शाखा में आउट सोर्स कर्मचारी बिगाड़ रहा माहौल,संपदा अधिकारी भी हुए चुप्प। आखिर किसका है सर पर हाथ।
मामला IDA में आउट सोर्स कर्मचारी का

आखिर किसकी शह पर बाहरी कर्मचारी की संपदा शाखा में कब्ज़ा।
अधिकारी भी जानकारी के बावजूद हुए चुप।
इंदौर विकास प्राधिकरण में स्थाई कर्मचारियों की बजाय ओसवाल और सिक्योरिटी गार्ड कंपनी कर्मचारियों का कब्जा कायम है। हालात यह है कि उक्त बाहरी कर्मचारीयों ने IDA को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। जिनमें आईडीए की संपदा शाखा प्रमुख है। महज 10 से 12 हजार पगार वाले यह कर्मचारियों के रंग और ढंग ऐसे हैं,जैसे वह खुद IDA की संपदा शाखा प्रभारी हो या खुद संपदा अधिकारी। इधर उक्त पूरे मामले को लेकर न्यूज WITH तड़का ने इंदौर विकास प्राधिकरण सीईओ आर पी अहिरवार को अवगत कराया और उन्होंने उक्त पूरे मामले की जांच संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव को दी। लेकिन श्रीवास्तव ने उक्त पूरी जांच को ही ठंडे बस्ते में फेंक दिया। मानो खुद संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव के ही यह आउट सोर्स कर्मचारी प्यादे हो।
श्रीवास्तव का जवाब हमें क्या हटा देंगे।
उक्त मामले की जानकारी न्यूज WITH तड़का ने IDA संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव को दी। उन्होंने कहा तो सही की संपदा में काबिज हो चुके पंकज गुनारे को हटा दिया जाएगा। ताकि शाखा की मर्यादा बनी रहे और माहौल सुधरे। लेकिन फिर भी जानकारी होने के बावजूद संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने उक्त पूरे मामले को ठंडे बस्ते में फेंक दिया। इधर श्रीवास्तव की उक्त कार्यशैली के चलते आउट सोर्स कर्मचारी पंकज गुनारे के हौसले इतने बुलंद हो गए कि अब उन्होंने IDA में लोगों से कहना तक शुरू कर दिया कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
एक आउट सोर्स कर्मचारी की वजह से बदनाम हो रही संपदा शाखा
इधर IDA सीईओ आर पी अहिरवार नवाचार पर नवाचार कर रहे है ताकि आम जनता को राहत मिल सके और जनता का कार्य समय पर सुगमता से हो सके। लेकिन संपदा शाखा के इन ऐसे आउट सोर्स कर्मचारियों की वजह से सभी व्यवस्थाएं धड़ाम होती जा रही है।