Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE विश्व पर्यावरण दिवस, हवा में उड़ गया देश का पहला ऑक्सीजन पार्क,धरी रह गई सभी तैयारियां,कनाडिया... INDORE जल संरक्षण,नगर निगम महापौर सहित जिम्मेदार वर्षाजल को बचाने की कर रहे प्लानिंग,इवेंट,वहीं दूसर... दूषित पेयजल!,भाजपा कांग्रेस की जारी जुबानी जंग,जनता कंफ्यूज,जल संरक्षण को लेकर वार्ड की रैंकिंग!लेकि... INDORE कांग्रेस में कलेश, हाइड्रेंट पर चिंटू चौकसे का कब्ज़ा! बदनाम हो रही भाजपा,कांग्रेसी पार्षद के... Pune Liquor Tragedy: जहरीली शराब कांड में मौतों का आंकड़ा 18 पहुंचा; CID जांच शुरू, 8 पुलिसकर्मी निल... Weather Forecast: दिल्ली-NCR और UP-बिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट; IMD ने जारी की भारी बारिश की चेताव... INDORE पानी के लेकर बवाल,शहरवासी चिंतित किसका करें यकीन किसका नहीं! पटवारी के आरोपों के बाद मेयर का ... Khajrana Ganesh Mandir Indore: खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप; मास्टर प्लान के तहत शुरू हुआ निर्... Indore Air Quality News: स्वच्छता में नंबर-1, लेकिन हवा में फेल; इंदौर में बढ़ता प्रदूषण बढ़ा रहा स्वा... MP Weather Update: नौतपा में मौसम का बड़ा यू-टर्न; भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, गिरेगा पा...

HDFC Bank Controversy: 45 करोड़ रुपये के कथित भुगतान मामले में जांच; बैंक ने आरोपों को किया खारिज

15

देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank Ltd पर 45 करोड़ रुपये के कथित अनुचित भुगतान का आरोप लगा है, जिसके बाद बैंक में आंतरिक विजिलेंस जांच शुरू होने की खबरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हालांकि, बैंक ने इन दावों को पूरी तरह से निराधार बताया है। बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि अधूरी और चुनिंदा जानकारी के आधार पर गलत निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं। बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसकी ऑडिट और कंट्रोल प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी है। इस खबर के बाद बुधवार को बैंक के शेयरों में लगभग 2.5 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह करीब 760 रुपये के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

🔍 क्या है 45 करोड़ रुपये का कथित मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक की ऑडिट कमेटी ने एक बड़े भुगतान को लेकर औपचारिक आंतरिक जांच शुरू की है। आरोप है कि यह रकम महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) को अप्रत्यक्ष रूप से ट्रांसफर की गई थी। दावा किया गया है कि तय ब्याज दर से ज्यादा रिटर्न देने के लिए बैंक ने इसे सीधे ‘ब्याज’ न दिखाकर ‘मार्केटिंग खर्च’ के तौर पर दिखाया। रिपोर्ट्स का आरोप है कि बैंक ने चार स्थानीय वेंडर्स के जरिए ‘रोड सेफ्टी जागरूकता अभियान’ के नाम पर यह भुगतान किया था।

🛡️ बैंक का आधिकारिक रुख

HDFC Bank का कहना है कि किसी भी मामले में बैंक की आंतरिक निगरानी टीम पूरी गहन प्रक्रिया के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेती है। बैंक के अनुसार, उनकी सभी वित्तीय प्रक्रियाएं तय नियमों और पारदर्शिता के साथ संचालित होती हैं। इस मामले में भी बैंक ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया है और आरोपों को केवल भ्रामक जानकारी करार दिया है। फिलहाल, निवेशक और बाजार विश्लेषक इस मामले पर बैंक की अगली आधिकारिक रिपोर्ट पर नजर बनाए हुए हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!