Falta Bypoll Result: फालता में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत; देबांग्शु पांडा ने 1.09 लाख वोटों से दर्ज की जीत, TMC की जमानत जब्त
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर हुए हाई-प्रोफाइल पुनर्मतदान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पार्टी की इस आंधी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के इस पुराने और अजेय माने जाने वाले गढ़ को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस बेहद प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीआईएम (CPI-M) के प्रत्याशी शंभू नाथ कुर्मी को 1,09,021 वोटों के भारी-भरकम अंतर से करारी शिकस्त दी। वहीं, सत्ताधारी दल टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान इस दौड़ में बुरी तरह पिछड़ते हुए सीधे चौथे नंबर पर जा पहुंचे। बीजेपी की इस शानदार और एकतरफा जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपनी गहरी खुशी जाहिर करते हुए इसे ‘धमकियों पर लोकतंत्र की जीत’ बताया। पीएम ने इसे पश्चिम बंगाल में बीजेपी की विकासवादी नीतियों पर जनता के अटूट भरोसे का सबसे बड़ा प्रतीक करार दिया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक विशेष पोस्ट साझा करते हुए इस ऐतिहासिक विजय की सराहना की। अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा— “फालता की जनता ने अपना स्पष्ट फैसला सुना दिया है! लोकतंत्र की शानदार जीत हुई है और धमकियों की करारी हार हुई है। फालता में रिकॉर्ड अंतर से ऐतिहासिक जीत हासिल करने के लिए देबांग्शु पांडा जी को हार्दिक बधाई।”
💼 पीएम मोदी ने बंगाल के जांबाज कार्यकर्ताओं की थपथपाई पीठ: कहा— ‘जनता देख रही है राज्य सरकार की विफलताएं’
अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “यह ऐतिहासिक परिणाम बीजेपी की जनहितैषी नीतियों के प्रति पश्चिम बंगाल की आम जनता के अटूट और निरंतर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। लोग भली-भांति देख रहे हैं कि केंद्र सरकार द्वारा सभी क्षेत्रों में जनता के कल्याण के लिए असाधारण कार्य किए जा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। यही कारण है कि फालता की जनता ने इस बार हमें खुलकर अपना आशीर्वाद देने का फैसला किया है।”
पीएम मोदी ने विपरीत परिस्थितियों में भी पूरे राज्य भर में डटे रहने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट और अथक परिश्रम के लिए बधाई दी और संकल्प दोहराया कि पार्टी बंगाल की प्रगति और सोनार बांग्ला के निर्माण के लिए लगातार काम करना जारी रखेगी।
📊 फालता सीट का पूरा चुनाव परिणाम: आंकड़ों में देखें कैसे औंधे मुंह गिरी टीएमसी, जहांगीर खान की जमानत तक हुई जब्त
अगर फालता विधानसभा सीट के अंतिम चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें, तो बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को कुल रिकॉर्ड 1,49,666 वोट हासिल हुए। वहीं, दूसरे स्थान पर रहे सीपीआईएम (CPI-M) उम्मीदवार शंभु नाथ कुर्मी को मात्र 40,645 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर टिके रहे। इस पूरे चुनाव में सबसे बड़ा और हैरान कर देने वाला राजनीतिक झटका सत्तारूढ़ दल टीएमसी (TMC) को लगा, जिसके उम्मीदवार जहांगीर खान केवल 7,783 वोट ही अपनी झोली में ला सके और उनकी जमानत तक पूरी तरह जब्त हो गई।
मालूम हो कि फालता विधानसभा सीट को लंबे समय से टीएमसी के सबसे राजनीतिक रूप से प्रभावशाली और वीआईपी ‘डायमंड हार्बर’ लोकसभा क्षेत्र का एक मजबूत हिस्सा माना जाता रहा है। साल 2021 के मुख्य विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने लगभग 57 प्रतिशत वोट शेयर के साथ इस सीट पर बहुत आसानी से अपना कब्जा बरकरार रखा था। हालांकि, इस बार के पुनर्मतदान में फालता की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है।
📈 वोट शेयर में आया भूचाल: 36% से सीधे 71% पर पहुंची बीजेपी, ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतों के बाद हुआ था पुनर्मतदान
इस पुनर्मतदान में राजनीतिक दलों के वोट शेयर में एक अविश्वसनीय भूचाल देखने को मिला है। यहाँ बीजेपी का वोट शेयर साल 2021 के 36.75 प्रतिशत से सीधे छलांग लगाकर 71.2 प्रतिशत के शिखर पर पहुंच गया। इसके विपरीत, टीएमसी का विशाल वोट शेयर धराशायी होकर मात्र 3.7 प्रतिशत पर सिमट गया। दिल्ली के बड़े राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह अप्रत्याशित परिणाम आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति में एक बहुत बड़े तख्तापलट और बदलाव का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने बीते 29 अप्रैल को हुए शुरुआती मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बटनों पर इंक (स्याही), फेविक्विक जैसे चिपकने वाले पदार्थ और परफ्यूम जैसे रसायनों के गलत इस्तेमाल की गंभीर शिकायतों के बाद सख्त रुख अपनाया था। आयोग ने सभी 285 बूथों पर पुराने मतदान को रद्द कर 21 मई को दोबारा पुनर्मतदान कराने का ऐतिहासिक आदेश दिया था। यह पुनर्मतदान केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराया गया था, जिसके कारण जनता खुलकर बाहर आई।
🏳️ मतदान से दो दिन पहले ही मैदान छोड़ चुके थे टीएमसी उम्मीदवार: ईवीएम में दर्ज था नाम
इस चुनाव की एक और दिलचस्प और अनूठी कहानी यह रही कि पुनर्मतदान से ठीक दो दिन पहले ही टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने अचानक एक वीडियो जारी कर ‘फालता के व्यापक हित और शांति’ में चुनावी मैदान से पीछे हटने की घोषणा कर दी थी। हालांकि, चूंकि नामांकन वापसी की आधिकारिक समयसीमा बहुत पहले ही समाप्त हो चुकी थी, इसलिए तकनीकी नियमों के कारण उनका नाम और चुनाव चिन्ह ईवीएम (EVM) मशीन पर अंतिम दिन तक दर्ज रहा।
⚔️ शुभेंदु अधिकारी का टीएमसी और अभिषेक बनर्जी पर सीधा हमला: बोले— ‘यह तो बस शुरुआत है, बंगाल से टीएमसी का सफाया तय’
इस बंपर जीत पर उत्साह जताते हुए पश्चिम बंगाल के कद्दावर बीजेपी नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इस परिणाम को जनता की स्वतंत्र और निष्पक्ष वोटिंग का जीता-जागता प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी के कारण मतदाताओं को इस बार बिना किसी प्रशासनिक दबाव, गुंडागर्दी और भय के अपने मत का प्रयोग करने का स्वर्णिम मौका मिला। अधिकारी ने ममता सरकार पर राज्य मशीनरी और स्थानीय पुलिस के घोर दुरुपयोग और डराने-धमकाने की गंदी राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया।
बिना प्रत्यक्ष नाम लिए उन्होंने टीएमसी महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी बेहद तीखा जुबानी हमला बोला। उन्होंने बनर्जी को ‘एक ऐसा धोखेबाज’ बताया जो अचानक वंशवाद के चलते पैराशूट से सत्ता में आया और बिना किसी संघर्ष के कमांडर का पद हासिल कर लिया। फालता के इस परिणाम को महज एक शुरुआत बताते हुए शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जागरूक जनता अब आगामी चुनावों में टीएमसी को पूरी तरह से राजनीतिक रूप से खारिज करने का मन बना चुकी है।
🙏 विजयी प्रत्याशी देबांग्शु पांडा ने जताया फालता की जनता का आभार: कहा— यह मेरी नहीं, जनता के साहस की जीत है
वहीं, इस ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ जीत के बाद बीजेपी के नए विधायक देबांग्शु पांडा ने भावुक होते हुए कहा कि सालों बाद फालता के स्थानीय लोगों को भयमुक्त माहौल में स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से मतदान करने का वास्तविक अवसर मिला, जिसका नतीजा सबके सामने है। उन्होंने फालता की देवतुल्य जनता का इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व समर्थन के लिए सहृदय धन्यवाद और आभार प्रकट किया। पांडा ने अंत में कहा कि यह जीत उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह फालता की जनता के साहस, स्वाभिमान और लोकतंत्र की असली जीत है।
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