Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE, नशे की लत ने बनाया मोबाइल स्नेचर,पुलिस ने महज 12 घंटों में 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार,16 स्... INDORE, पुलिस को मिले अत्याधुनिक संसाधन,क्राइम इनवेस्टिगेशन और फील्ड पुलिसिंग को मिलेगी अलग नईं दिशा... INDORE,सुप्रीम कोर्ट ने BCI के आदेश पर लगाई रोक, वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व न्यायिक अधिकारी नरेंद्र जैन क... INDORE, पहले से ही अनाथ 88 गेंट्री, अब 70 नयी गेंट्री फिर तैयार, 200 करोड़ का नुकसान,7 सालों से नहीं... INDORE, पुलिस की बड़ी कार्यवाही,ऑपरेशन नाइट डोमिनेशन,1200 से ज्यादा बदमाशो की चेकिंग,500 से ज्यादा प... INDORE, ऊंची दुकान सयाजी होटल को हाईकोर्ट से राहत,अधिकारियों को झटका,तुरंत किचन शुरू करने के आदेश,हो... INDORE,निगम कमिश्नर नाप रहे सीमेंट गिट्टी, फिर जनकार्य विभाग की इतनी लंबी फ़ौज सिर्फ ताली बजाने के क... INDORE, ऊंची दुकान सयाजी होटल को नापेगा इंदौर नगर निगम,फूड एंड ड्रग निरीक्षण के दौरान खुली थी, पांच ... INDORE,कलेक्टर की रंग ला रही मुहिम, मिलावटखोरों में हड़कंप,ऊंची दुकान सयाजी होटल के गुणवत्ताहीन पकवा... INDORE, फूटी कोठी चौराहा अवैध सब्ज़ी मंडी,रहवासियों- सब्जी विक्रेताओं दोनों पक्षों की समस्या का होगा...

Kolkata Case Update: आरजी कर मामले में बड़ी कार्रवाई, विनीत गोयल समेत 3 IPS अधिकारी सस्पेंड

23

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और हत्या मामले में बड़ा एक्शन लिया है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में कोलकाता पुलिस के पूर्व कमिश्नर विनीत गोयल, IPS इंदिरा मुखर्जी और IPS अभिषेक गुप्ता शामिल हैं। यह कार्रवाई मुख्य सचिव और गृह सचिव से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

💰 पीड़ित परिवार को पैसे देने का आरोप: रिपोर्ट के आधार पर हुई सख्त कार्रवाई

सीएम शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, कुछ पुलिस अधिकारी पीड़ित परिवार, विशेष रूप से तिलोत्तमा की मां को कथित रूप से पैसे देने पहुंचे थे। सरकार ने इस गंभीर आरोप को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप या अनैतिक प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

📂 विभागीय जांच के आदेश: कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की होगी समीक्षा

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की गहन विभागीय जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि पीड़ित परिवार चाहे तो सरकारी अधिकारी उनके घर जाकर भी बयान ले सकते हैं। जांच के अगले चरण में फोन कॉल रिकॉर्ड, वॉट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या किसी उच्च स्तर से कोई निर्देश जारी किए गए थे।

⚖️ पीड़िता की मां ने किया फैसले का स्वागत: ‘अब न्याय की उम्मीद जगी है’

तिलोत्तमा की मां ने शुभेंदु सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। उन्होंने भावुक होकर कहा, “मेरी बेटी की मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। हर धर्म, जाति और समुदाय के लोगों ने सिर्फ एक ही आवाज उठाई है- हमें न्याय चाहिए।” उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब मामले में जल्द और निष्पक्ष न्याय मिल सकेगा।

📢 जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम: शुभेंदु सरकार का कड़ा संदेश

शुभेंदु अधिकारी सरकार के इस फैसले को तिलोत्तमा हत्याकांड में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के निलंबन से इस संदेश को बल मिला है कि सरकार जांच में पारदर्शिता चाहती है। इस फैसले से न केवल मामले की जांच को नई गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि आम जनता और पीड़ित परिवार का व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!