Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE विश्व पर्यावरण दिवस, हवा में उड़ गया देश का पहला ऑक्सीजन पार्क,धरी रह गई सभी तैयारियां,कनाडिया... INDORE जल संरक्षण,नगर निगम महापौर सहित जिम्मेदार वर्षाजल को बचाने की कर रहे प्लानिंग,इवेंट,वहीं दूसर... दूषित पेयजल!,भाजपा कांग्रेस की जारी जुबानी जंग,जनता कंफ्यूज,जल संरक्षण को लेकर वार्ड की रैंकिंग!लेकि... INDORE कांग्रेस में कलेश, हाइड्रेंट पर चिंटू चौकसे का कब्ज़ा! बदनाम हो रही भाजपा,कांग्रेसी पार्षद के... Pune Liquor Tragedy: जहरीली शराब कांड में मौतों का आंकड़ा 18 पहुंचा; CID जांच शुरू, 8 पुलिसकर्मी निल... Weather Forecast: दिल्ली-NCR और UP-बिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट; IMD ने जारी की भारी बारिश की चेताव... INDORE पानी के लेकर बवाल,शहरवासी चिंतित किसका करें यकीन किसका नहीं! पटवारी के आरोपों के बाद मेयर का ... Khajrana Ganesh Mandir Indore: खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप; मास्टर प्लान के तहत शुरू हुआ निर्... Indore Air Quality News: स्वच्छता में नंबर-1, लेकिन हवा में फेल; इंदौर में बढ़ता प्रदूषण बढ़ा रहा स्वा... MP Weather Update: नौतपा में मौसम का बड़ा यू-टर्न; भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, गिरेगा पा...

NEET Exam Leak Update: सीकर के कोचिंग संस्थानों तक पहुँची पेपर की PDF, 2 से 5 लाख में हुआ सौदा

80

मेडिकल एंट्रेंस एग्ज़ाम NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक की जांच तेजी से चल रही है. फिलहाल जांच एजेंसियों की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि NEET-UG का पेपर यश यादव के जरिए राजस्थान तक पहुंचा था. सूत्रों का कहना है कि यश यादव की पहचान विकास बिवाल से थी. जांच में यह भी पता चला है कि विकास के पिता दिनेश बिवाल ने पेपर की हार्डकॉपी को स्कैन कर उसकी पीडीएफ फाइल तैयार की थी और इसे सीकर के कई कोचिंग संस्थानों के छात्रों तक पहुंचाया गया.

💸 पेपर के लिए 2 से 5 लाख का सौदा: मनी ट्रेल पर CBI की नजर

सूत्रों के अनुसार, छात्रों ने पूछताछ में बताया है कि यह पेपर हासिल करने के लिए उनसे 2 लाख से 5 लाख रुपये तक लिए गए थे. हालांकि, मामले में सामने आए शुभम ने खुद को मास्टरमाइंड मानने से इनकार किया है. सीबीआई (CBI) अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि आखिर पेपर लीक होने का असली सोर्स क्या था. यश यादव, जो खुद परीक्षा पास नहीं कर सका था और BAMS का छात्र है, उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है.

🏫 कोचिंग संस्थानों और मालिकों से पूछताछ: नासिक से जुड़े तार

सीबीआई ने इस मामले में कोचिंग संस्थानों के स्टाफ और मालिकों से भी लंबी पूछताछ की है. अब जांच का पूरा फोकस मनी ट्रेल पर है. दूसरी ओर, महाराष्ट्र के नासिक से भी कई अहम खुलासे हो रहे हैं. पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी शुभम खैरनार का ‘SR Education Consultancy’ नाम से कारोबार सामने आया है. इसका ऑफिस नासिक के पॉश कनाडा कॉर्नर इलाके में है, जो MBBS, BAMS और इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए छात्रों का मार्गदर्शन करता था.

🌐 नासिक कनेक्शन: ऑनलाइन प्रमोशन और एजुकेशन ब्रांडिंग का खेल

यह कंसल्टेंसी छात्रों को रजिस्ट्रेशन से लेकर एडमिशन तक ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्गदर्शन देती थी. मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए भारी छूट का झांसा देकर सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर विज्ञापन दिए जाते थे. राजस्थान पुलिस की जांच में यह नासिक कनेक्शन सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. आरोपी के ऑफिस के बाहर लगे बोर्ड और विज्ञापन अब जांच के घेरे में हैं और नासिक पुलिस भी अपना जांच का दायरा बढ़ा सकती है.

🔍 जांच का अगला चरण: कौन है असली मास्टरमाइंड?

एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पैसे किसके जरिए और किन बैंक खातों तक पहुंचे. पेपर लीक रैकेट में और भी चौंकाने वाले खुलासों की संभावना है. क्या यह नेटवर्क देश के अन्य राज्यों में भी फैला है? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए गिरफ्तार आरोपियों के डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स को खंगाला जा रहा है. फिलहाल, नासिक से लेकर राजस्थान तक की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!