Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
PM Modi Sikkim Visit: सिक्किम के 50 साल पूरे होने पर पीएम मोदी की बड़ी सौगात, ₹4000 करोड़ के प्रोजेक... SCO Meeting 2026: बिश्केक में SCO की बैठक में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, क्षेत्रीय सुरक्ष... Firozabad Crime News: फिरोजाबाद में दिनदहाड़े 10 लाख की लूट, तमंचा सटाकर युवक से छीने पैसे, जांच में... Maharashtra MLC Election: शिंदे की शिवसेना में मचा घमासान, नीलम गोरे और बच्चू कडू की उम्मीदवारी पर व... Free Petrol Offer: फ्री पेट्रोल पाने के लिए लगी वाहनों की लंबी लाइन, पंप मालिक के एक फैसले से खिले च... UP Crime Update: हापुड़ में आग का कहर! 70 झुग्गियां और 2 फैक्ट्रियां जलकर स्वाह, मची भारी अफरा-तफरी Positive News: घर आई नन्हीं परी तो पिता ने डॉक्टरों के लिए किया कुछ ऐसा, देखकर पूरा अस्पताल हो गया भ... Dehradun Weather Update: देहरादून में गर्मी ने तोड़ा 17 साल का रिकॉर्ड, रेड अलर्ट जारी; जानें कब मिल... Madhya Pradesh Crime: रीवा में चोरी का अनोखा तरीका, अंडरवियर में छिपाए ब्रांडेड कपड़े, सीसीटीवी में ... Ghazipur News: पीड़ित परिवार से मिलने कल गाजीपुर जाएगा सपा का प्रतिनिधिमंडल, अखिलेश यादव देंगे ₹5 ला...

Israel Election: नेतन्याहू की बढ़ी मुश्किलें, पूर्व PM बेनेट और लैपिड ने चुनाव से पहले मिलाया हाथ, बनाया नया मोर्चा

1

इजराइल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट और येर लैपिड ने मिलकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को चुनाव में चुनौती देने का फैसला किया है. इस साल के अंत तक इजराइल में चुनाव होने की संभावना है. रविवार को दोनों नेताओं ने घोषणा की कि उनकी पार्टियां बेनेट 2026 और येश अतीद अब साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी.

इस नए गठबंधन का नाम टुगेदर रखा गया है, जिसका नेतृत्व बेनेट करेंगे. गठबंधन का मकसद विपक्ष को एकजुट करना है, जो फिलहाल बिखरा हुआ है. बेनेट ने कहा कि यह कदम देश के लिए देशभक्ति और जायोनी सोच से प्रेरित है. वहीं लैपिड ने कहा कि बेनेट भले ही दक्षिणपंथी नेता हैं, लेकिन ईमानदार हैं और दोनों के बीच भरोसा है.

बेनेट

हमास के हमले की जांच का वादा

लैपिड ने यह भी कहा कि इस गठबंधन का उद्देश्य आंतरिक मतभेद खत्म कर चुनाव जीतना और इजराइल को आगे ले जाना है. बेनेट ने यह भी वादा किया कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले से पहले की सुरक्षा चूकों की जांच के लिए एक राष्ट्रीय आयोग बनाया जाएगा. मौजूदा नेतन्याहू सरकार ने अब तक ऐसी जांच से इनकार किया है.

क्या दोनों नेता पहली बार साथ आए हैं?

लैपिड और बेनेट पहले भी साथ आ चुके हैं. 2021 के चुनाव में दोनों ने मिलकर नेतन्याहू के 12 साल लंबे शासन को खत्म किया था और सरकार बनाई थी, लेकिन यह गठबंधन सिर्फ 18 महीने ही चल सका. इससे पहले 2013 में भी दोनों ने नेतन्याहू की सरकार में शामिल होकर उनके पारंपरिक सहयोगियों को बाहर कर दिया था.

नेतन्याहू इजराइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं. उन्होंने नवंबर 2022 में फिर वापसी की और देश की सबसे दक्षिणपंथी सरकार बनाई. लेकिन अक्टूबर 2023 में हमास के हमले और उसके बाद गाजा में युद्ध ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है. हाल के सर्वे बता रहे हैं कि अगला चुनाव वह हार सकते हैं.

किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं?

एक सर्वे के अनुसार, 120 सीटों वाली संसद में बेनेट को 21 सीटें और नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को 25 सीटें मिल सकती हैं. वहीं लैपिड की पार्टी को सिर्फ 7 सीटें मिलने का अनुमान है, जो पहले 24 सीटें थीं. 54 साल के बेनेट पूर्व सेना कमांडो और टेक कारोबारी हैं, जबकि 62 साल के लैपिड पूर्व टीवी एंकर हैं और खुद को इजराइल के मध्यम वर्ग की आवाज बताते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!