सामूहिक विवाह में बड़ा खेल! 112 में से 12 मुस्लिम जोड़े अचानक गायब, क्या कहीं और पढ़वाया गया निकाह? जांच में खुला राज
उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में उज्जैन में 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया पर्व के मौके पर कार्तिक मेला ग्राउंड में सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन का आयोजन हुआ. आयोजन में गड़बड़ घोटाले की शिकायत का मामला सामने आया है. यह शिकायत वार्ड 6 से पार्षद और लोकनिर्माण एवं उद्यान विभाग प्रभारी शिवेंद्र तिवारी ने नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा व महापौर मुकेश टेटवाल से लिखित में की है. उन्होंने नोडल अधिकारी संदीप शिवा को भी पत्र लिखकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. जिसके बाद से ही प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है.
क्या कहा शिकायत में?
शिवेंद्र तिवारी ने शिकायत में कहा, ”नगर निगम उज्जैन द्वारा 19 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन का आयोजन करवाया गया. आयोजन में कुल 112 जोड़े रजिस्टर हुए, जिसमें 100 हिन्दू व 12 मुस्लिम शामिल थे. मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 100 हिन्दू जोड़े तो मौके पर थे लेकिन 12 मुस्लिम जोड़ों के मौके पर होने के कोई साक्ष्य व प्रमाण नहीं हैं. जबकि ये 12 जोड़े शहर के हेलावाड़ी में आयोजित निकाह कार्यक्रम में शामिल हुए और शादी की. ऐसे में जांच करवाना अत्यंत आवश्यक है कि इन 12 मुस्लिम जोड़ों ने क्यों मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का बहिष्कार किया और क्या इन 12 जोड़ों को योजना के सभी लाभ दिए गए. अगर ऐसा हुआ है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाईं की जाना चाहिए.”
’12 जोड़ों के फोटो-वीडियो उपलब्ध कराओ’
शिवेंद्र तिवारी ने स्मार्ट सिटी सीओ एवं सामूहिक विवाह एवं निकाह आयोजन के बनाए गए नोडल अधिकारी संदीप शिवा पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए उन्हें पत्र लिखा है. उन्होंने कहा, ”क्योंकि आपको इस पूरे सामूहिक विवाह/निकाह कार्यक्रम का नोडल अधिकारी बनाया गया था. सारी जिम्मेदारी आपके पास थी आपके द्वारा कुछ जगह बयान भी दिए गए कि, 112 ही जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर संपन्न हुआ. अगर 112 जोड़ों का ही विवाह संपन्न हुआ है तो 12 मुस्लिम जोड़ों के फोटो वीडियो या साक्ष्य प्रमाण के आधार पर उपलब्ध करवाएं.”
महापौर ने की जांच करवाने की बात
मामले में महापौर मुकेश टेटवाल ने कहा, ”मामले में जांच के लिए नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा से चर्चा की है. जांच में जो भी दोषी पाया गया उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.” आपको बता दें आयोजन शासन की और से था जिसमें 112 जोड़ों को 49 हजार रु राशि, 6000 रु प्रत्येक जोड़ों पर खर्च, साथ ही घर गृहस्थी के सामान देने के लिए सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से मदद पहुंचाने जैसे लाभ शामिल हैं.
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