Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE विश्व पर्यावरण दिवस, हवा में उड़ गया देश का पहला ऑक्सीजन पार्क,धरी रह गई सभी तैयारियां,कनाडिया... INDORE जल संरक्षण,नगर निगम महापौर सहित जिम्मेदार वर्षाजल को बचाने की कर रहे प्लानिंग,इवेंट,वहीं दूसर... दूषित पेयजल!,भाजपा कांग्रेस की जारी जुबानी जंग,जनता कंफ्यूज,जल संरक्षण को लेकर वार्ड की रैंकिंग!लेकि... INDORE कांग्रेस में कलेश, हाइड्रेंट पर चिंटू चौकसे का कब्ज़ा! बदनाम हो रही भाजपा,कांग्रेसी पार्षद के... Pune Liquor Tragedy: जहरीली शराब कांड में मौतों का आंकड़ा 18 पहुंचा; CID जांच शुरू, 8 पुलिसकर्मी निल... Weather Forecast: दिल्ली-NCR और UP-बिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट; IMD ने जारी की भारी बारिश की चेताव... INDORE पानी के लेकर बवाल,शहरवासी चिंतित किसका करें यकीन किसका नहीं! पटवारी के आरोपों के बाद मेयर का ... Khajrana Ganesh Mandir Indore: खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप; मास्टर प्लान के तहत शुरू हुआ निर्... Indore Air Quality News: स्वच्छता में नंबर-1, लेकिन हवा में फेल; इंदौर में बढ़ता प्रदूषण बढ़ा रहा स्वा... MP Weather Update: नौतपा में मौसम का बड़ा यू-टर्न; भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, गिरेगा पा...

Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता होगा कच्चा तेल?

48

भारत जिन देशों से कच्चा तेल खरीदता है, उनमें शामिल इराक के लिए एक अहम बदलाव हुआ है. इराक और सीरिया के बीच 15 साल से ज्यादा समय से बंद पड़ा बॉर्डर क्रॉसिंग फिर से खोल दिया गया है. इस क्रॉसिंग को इराक में रबिया और सीरिया में यारूबिया कहा जाता है. यह बॉर्डर 2011 में सीरिया में गृह युद्ध शुरू होने के बाद बंद हो गया था.

इसके बाद 2014 में इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने इस इलाके पर कब्जा कर लिया था. बाद में इराकी कुर्द बलों ने इसे वापस अपने नियंत्रण में ले लिया. अब सोमवार को इस बॉर्डर को फिर से खोल दिया गया. दोनों देशों के अधिकारियों ने यहां मिलकर व्यापार बढ़ाने और आवाजाही आसान करने पर बात की. इराक के निनेवे प्रांत की नेता नादिया अल-जुबौरी ने कहा कि इससे व्यापार बढ़ेगा और तेल की सप्लाई के लिए बड़ा रास्ता मिलेगा. भारत के कुल तेल आयात का पांचवां हिस्सा इराक से आता है.

होर्मुज पर निर्भरता कम होगी

इराक की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल पर निर्भर है. उसके बजट का करीब 90% हिस्सा तेल से आता है. अभी तक इराक का ज्यादातर तेल समुद्र के रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भेजा जाता है. यह बहुत अहम रास्ता है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल यहीं से गुजरता है. नई बॉर्डर क्रॉसिंग खुलने से अब इराक के पास तेल भेजने का एक और रास्ता मिल गया है. इससे समुद्री रास्ते पर निर्भरता कुछ कम हो सकती है. खासकर तब, जब होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बना हुआ है.

बॉर्डर के रास्ते तेल भेजने की डील हुई

इराक के बॉर्डर पोर्ट्स आयोग के प्रमुख उमर अल-वाएली ने कहा कि इससे अल-वलीद क्रॉसिंग पर दबाव कम होगा, जो अभी तक इराक का मुख्य रास्ता था. नई व्यवस्था से ट्रांसपोर्ट और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें भी कम होंगी. इराक की सरकारी तेल कंपनी SOMO अब सीरिया के रास्ते जमीन से तेल भेजने की योजना पर काम कर रही है. यह तरीका थोड़ा महंगा है, लेकिन फिर भी कंपनी हर महीने करीब 6.5 लाख मीट्रिक टन फ्यूल ऑयल इस रास्ते से भेजने का समझौता कर चुकी है.

इराक की 5 ऑयल पाइपलाइंस

इराक से 5 ऑयल पाइपलाइंस निकलती हैं. जिनमें से 2 चालू हैं और तीन बंद हैें. सबसे अहम चालू पाइपलाइन किरकुक-सेहान पाइपलाइन है, जो उत्तरी इराक के किरकुक से तुर्की के जयहान बंदरगाह तक जाती है. इसके अलावा देश के अंदर इराक स्ट्रेटैजिक पाइपलाइन भी काम कर रही है, जो बसरा (दक्षिण) से अनबर तक तेल पहुंचाने के लिए बनी तीन समानांतर लाइनों का नेटवर्क है.

इराक का ज्यादातर तेल अब भी दक्षिणी टर्मिनलों (पर्शियन गल्फ) से जाता है. कई बड़ी पाइपलाइनें अब बंद पड़ी हैं. इनमें जैसे किरकुक-बनियास पाइपलाइन, जो सीरिया के रास्ते भूमध्य सागर तक जाती थी, 2003 के बाद से बंद है . इसी तरह Iraq Pipeline through Saudi Arabia (IPSA) भी 1991 के खाड़ी युद्ध के बाद से बंद है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!