Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Weather Forecast: दिल्ली में छाए रहेंगे बादल, यूपी-बिहार में लू का टॉर्चर; जानें देश भर के मौसम का ह... West Bengal News: 'बंगाल से भयकाल जाएगा, सेवाकाल आएगा', PM मोदी का TMC सिंडिकेट पर जोरदार प्रहार सुहागरात के सपने चकनाचूर! दूल्हे की इस काली करतूत से मंडप में पहुंची पुलिस, शादी तो दूर अब जेल में क... Noida Violence: NIT इंजीनियर से कैसे 'मास्टरमाइंड' बना आदित्य आनंद? रिपोर्टर के भेष में रची नोएडा हि... Strait of Hormuz Crisis: 24 घंटे से भी कम समय में कैसे बंद हो गया होर्मुज स्ट्रेट? जानें पूरी कहानी ... Women Reservation Bill: महिला आरक्षण के मुद्दे पर NDA का बड़ा ऐलान, विपक्ष के खिलाफ कल देशभर में होग... Sabarimala Case: आस्था या संविधान? सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की बेंच के सामने तीखी बहस, 'अंतरात्मा की... Rahul Gandhi Case: दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी की बढ़ेंगी मुश्किलें, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने द... Singrauli Bank Robbery: सिंगरौली में यूनियन बैंक से 20 लाख की डकैती, 15 मिनट में कैश और गोल्ड लेकर फ... Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, IMD ने अगले 24 घंटों के लिए जारी किया...

MP News: मध्यप्रदेश में अब नहीं जलेगी पराली, मल्चर मशीन से खाद बनेगी फसल के अवशेष; जानें कैसे बढ़ेगी किसानों की कमाई

4

उज्जैन: एक और पूरे देश मे मध्यप्रदेश पराली जलाने के मामले में टॉप पर बताया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर इस समस्या से निपटने के लिए उज्जैन के किसान खेती के तरीके बदलते नजर आ रहे हैं. पराली जलाने की परंपरा को छोड़ अब किसान आधुनिक तकनीक अपना रहे है. पराली की समस्या से निपटने के किसान मल्चर मशीन का उपयोग कर रहे हैं, जो गेमचेंजर साबित हो रही है.

पराली की समस्या का समाधान है मल्चर मशीन

इस मशीन में तेजी से घूमने वाली ब्लेड और हथौड़े लगे होते हैं, जो फसल के अवशेषों को बारीक टुकड़ों में काटकर खेत में ही फैला देते हैं. इससे किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ती और वायु प्रदूषण भी नहीं होता और जीव जंतु भी नहीं जलते. खास बात यह है इससे मिट्टी की उर्वरकता बढ़ती है. क्योंकि अवशेष मिट्टी में मिलकर खाद बन जाते हैं. साथ ही अगली फसल के लिए जमीन जल्दी तैयार होती है. किसान मशीन को ट्रेक्टर में लगाकर नरवाई प्रबंधन कर रहै हैं, जिससे काफी फायदा हो रहा है.

मशीन एक फायदे अनेक

दक्षिण विधानसभा के किसान भरत सिंह ने कहा, ” मध्यप्रदेश सरकार की इस पहल से दोहरे फायदे हैं. एक तो पर्यावरण सुरक्षित, दूसरा जमीन की गुणवत्ता में सुधार और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद व जीव जंतु जलने का डर खत्म.” किसान अजय पटेल ने बताया, ” ये मशीन ना केवल हम किसानों की आय बढ़ाएगी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है.” किसानों ने बताया कि 1 घन्टे में 2 बीघा खेत पर ये काम करती है और 3 से 4 लीटर डीजल की खपत करती है.

उज्जैन की 20 पंचायतों में पहुंची मल्चर मशीनें, नहीं देना होगा किराया

किसानों के लिए यह पहल साल 2026 किसान कल्याण के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा पर शुरू की गई है. मध्यप्रदेश सरकार ने उज्जैन स्थित दक्षिण विधानसभी की 20 ग्राम पंचायतों में ये मशीनें निशुल्क पहुंचाई हैं. उज्जैन जनपद के गांव वृंदावन तालोद के किसानों ने इसे उपहार बताया और सीएम के प्रति आभार जताया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!