Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
'अब प्रेमी से मिलकर दिखाओ': पत्नी का कुल्हाड़ी से काटा पैर, फिर कटा हुआ हिस्सा लेकर थाने पहुंचा पति;... Jamiat Meeting: जमीयत कार्यकारिणी की बैठक शुरू, UCC और वक्फ संशोधन जैसे अहम मुद्दों पर लिए जाएंगे बड... खूनी संघर्ष: शराब माफिया ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, 3 घायल; जवाब में लोगों ने घर और वाहनों में लगाई आग... Noida Foundation Day 2026: 50 साल का हुआ नोएडा, गांव से ग्लोबल सिटी बनने तक के सफर की पूरी कहानी Punjab Rail Roko: पंजाब में आज 3 घंटे का 'रेल रोको' आंदोलन, जानें किन मांगों को लेकर फिर ट्रैक पर उत... Who is Sitaram Baba? कौन हैं सीताराम बाबा, जिन्होंने बीजेपी विधायक को जड़े मुक्के और दिया धक्का; जान... Jhansi News: मणिपुर की लड़की की झांसी में संदिग्ध मौत, बॉयफ्रेंड चोरी-छिपे दफनाने पहुंचा तो पति ने प... SIA Charge-sheet: व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का बड़ा खुलासा, हमले के लिए 'TATP' जैसे घातक विस्फोटक का ... Weather Update: भीषण गर्मी के बीच मौसम लेगा यू-टर्न, दिल्ली-बिहार और राजस्थान में बारिश का अलर्ट; जा... Delhi High Court: रेखा गुप्ता पर हमले के आरोपियों को झटका, ट्रायल पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार;...

Mutual Funds Investment: शेयर बाजार की गिरावट में MFs ने खोला खजाना! फाइनेंशियल सेक्टर पर खेला 55,413 करोड़ का बड़ा दांव

3

म्यूचुअल फंड्स ने मार्च में लगभग 55,413 करोड़ रुपये के फाइनेंशियल स्टॉक्स खरीदे, जो उस महीने सेकेंडरी मार्केट में उनके कुल इनफ्लो का 49 प्रतिशत था. यह तब हुआ जब US-ईरान-इज़राइल तनाव के बीच भारतीय बाजारों में भारी गिरावट देखी गई. म्यूचुअल फंड्स सेकेंडरी मार्केट में एक्टिव खरीदार रहे, और उन्होंने मार्च में लगभग 1.13 लाख करोड़ रुपये के स्टॉक्स खरीदे. खरीदारी के बावजूद, म्यूचुअल फंड्स की कुल एसेट वैल्यू फरवरी के 51.29 लाख करोड़ रुपये से घटकर 46.6 लाख करोड़ रुपये रह गई. हालांकि, कुल मार्केट कैप में म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी एक महीने पहले के 11.1 प्रतिशत से बढ़कर 11.3 प्रतिशत हो गई.

बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली के बावजूद फाइनेंशियल स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी देखने को मिली. मार्च में निफ्टी बैंक 17 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 15.6 प्रतिशत की गिरावट आई. दोनों इंडेक्स ने मार्च 2020 के बाद से अपनी सबसे बड़ी मंथली गिरावट दर्ज की. फाइनेंशियल स्टॉक्स पर दबाव बना रहा, क्योंकि इस बात की चिंता थी कि सॉवरेन बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बैंकों के सरकारी सिक्योरिटीज पोर्टफोलियो पर ‘मार्क-टू-मार्केट’ नुकसान हो सकता है. मार्च में भारत की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 37 बेसिस पॉइंट्स से ज्यादा बढ़कर 7 प्रतिशत के पार चली गई, जो एक साल का हाई लेवल था.

यहां भी हुई खरीदारी

फाइनेंशियल स्टॉक्स के अलावा म्यूचुअल फंड्स ने कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी स्टॉक्स में भी जोरदार खरीदारी की, जहां उन्होंने 16,366 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. टेलीकॉम स्टॉक्स में 14,656 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ, जबकि IT स्टॉक्स में 5,717 करोड़ रुपये का निवेश आया. म्यूचुअल फंड्स की खरीदारी वाले अन्य बड़े सेक्टरों में कमोडिटीज 4,883 करोड़ रुपये, हेल्थकेयर 4,178 करोड़ रुपये और इंडस्ट्रियल्स 4,139 करोड़ रुपये शामिल थे. FMCG स्टॉक्स में 3,795 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ, जबकि सर्विसेज सेक्टर में 3,548 करोड़ रुपये का निवेश आया.

मार्च में ग्लोबल तनाव के बीच भारतीय बाजारों में हर तरफ गिरावट देखने को मिली. बेंचमार्क BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में 11.5 प्रतिशत की गिरावट आई. BSE MidCap 150 में 10.8 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि BSE SmallCap 250 में 10.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.

FII ने की भयंकर बिकवाली

इसके उलट विदेशी निवेशक (FII) बड़े पैमाने पर बिकवाली कर रहे थे. उन्होंने मार्च के दौरान सेकेंडरी मार्केट में लगभग 1.26 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. इसमें से लगभग 60,000 करोड़ रुपये के शेयर फाइनेंशियल सेक्टर से बेचे गए, जिसके बाद 12,500 करोड़ रुपये के ऑटो शेयर बेचे गए.

कंस्ट्रक्शन और मेटल सेक्टर में FII की तरफ से 9,154 करोड़ रुपये और 3,165 करोड़ रुपये की निकासी देखी गई. FMCG और कंज्यूमर सर्विसेज में 5,419 करोड़ रुपये और 2,141 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई, जबकि रियल्टी और हेल्थकेयर सेक्टर में 4,693 करोड़ रुपये और 4,638 करोड़ रुपये की निकासी हुई.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!