सो रहे इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार,जनता जाए भाड में,डॉग बाइट के लगातार बढ़ रहे मामले,बड़ा मामला होने पर भागीरथपुरा जैसी पेश होगी सफाई।
इंदौर नगर निगम के सो रहे जिम्मेदार,जनता जाए भाड़ में,डॉग बाइट के लगातार बढ़ रहे मामले।
✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर नगर निगम के तमाम जिम्मेदार इस वक्त सो रहे है,फिर चाहे भागीरथपुरा जैसा ही मामला होने के बाद उनकी कान में जूं रेंगे,लेकिन वर्तमान में तो इंदौर नगर निगम के जिम्मेदारों ने जनता को लेकर एक ही सोच बना रखी है कि जनता जाए भाड़ में। क्योंकि शहर में रोजाना श्वानो का आतंक बढ़ता जा रहा हैं। कहीं न कहीं देश की सर्वोच्च अदालत के निर्देशों का भी नगर निगम के जिम्मेदार पालन करने में सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं। क्योंकि आवारा कुत्तों को लेकर जो हालात शहर की गलियों,सड़कों और कालोनियों में हैं। उसे नकारा नहीं जा सकता हैं। क्योंकि इंदौर नगर निगम के जिम्मेदारों की लापरवाहियों की वजह से डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन नगर निगम के जिम्मेदारों ने इसे लेकर कोई भी एक्शन लेने से परहेज कर रखा हैं। जबकि जो निगम ने निजी एजेंसी नियुक्त की हैं। वह भी भुगतान नहीं होने के चलते काम बंदी कर रखी हैं। जिसकी वजह से हालात बद से बदतर हो रहे हैं।
खजराना,गुलमर्ग परिसर में लोग लगातार शिकार।

शहर के कई इलाके है जहां डॉग बाइट की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। लेकिन नगर निगम के जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। लेकिन इसे लेकर अभी तक उनकी नींद खुलना तो ठीक उन्होंने अभी तक निजी एजेंसी के जिम्मेदारों से चर्चा तक नहीं की हैं। जिसकी वजह से केवल गुलमर्ग परिसर में ही पागल हो चुके श्वान की वजह से लोग उसका शिकार बनते जा रहे हैं।
बड़ा मामला होने पर ही खुलती नींद।

भगीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल की वजह से मौत का आंकड़ा 31 तक पहुंच गया हैं और अभी भी कई लोग है जो मौत से संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन इसके पूर्व और अभी तक जो खानापूर्ति और रस्म अदायगी जारी है वो किसी से छुपी नहीं हैं। लिहाजा शहर की जनता को डॉग बाइट के मामले में भी नगर निगम के जिम्मेदारों ने भगवान के भरोसे छोड़ दिया हैं। फिर अगर मामला अगर बढ़ता है तो फिर कहीं जाकर जिम्मेदार भागीरथपुरा कांड जैसी सफाइयों पर सफाई पेश करने सामने आ जायेगे।
