DAVV डिस्टेंस एजूकेशन विभाग,कोर्स मटेरियल भी कर लिया कॉपी पेस्ट,विभागीय जिम्मेदार कर रहे मात्र औपचारिकता
DAVV डिस्टेंस एजूकेशन विभाग
कोर्स मटेरियल भी है कॉपी पेस्ट,जिन्होंने बनाया वहीं प्रोफेसर नहीं मानते डिस्टेंस एजूकेशन का कोर्स उन्होंने ही इजाद किया।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में जादूगरी का दौर जारी हैं। और जिस तरह से डिस्टेंस एजूकेशन के मामले में डीएवीवी के जादूगरों ने नेक की टीम के आंखों में भी धूल झोंकी। उसे जानकर सभी दंग हैं। दरअसल न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम की खबर के बाद शिक्षा जगत से जुड़े कई बुद्धिजीवियों का इसे लेकर कहना है कि डीएवीवी के जिम्मेदारों ने जिस तरह से डिस्टेंस एजूकेशन विभाग के नाम पर जादूगरी दिखाई हैं। उसे लेकर अब धारा 52 के तहत डीएवीवी पर कार्यवाही होना लगभग तय माना जा रहा हैं। क्योंकि इन्हीं बुद्धिजीवियों का कहना है कि अनियमितताएं के चलते ही नेक की टीम ने अन्य विश्वविद्यालयों में भी कार्यवाही की हैं। सो डीएवीवी पर आखिर क्यों नहीं कि जा रही हैं। क्योंकि न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम पहले ही उजागर कर चुका है कि डिस्टेंस एजूकेशन विभाग के नाम पर एक व्यक्ति यानी एक प्रोफेसर को यहां भी मात्र दिखावे के लिए सेट बताया गया हैं जबकि हकीकत यह है कि डिस्टेंस एजूकेशन विभाग में पदस्थ वहीं प्रोफेसर अन्य जगह भी अपनी सेवाएं दे रहा है। तो सवाल यह उठता है कि एक ही व्यक्ति एक ही प्रोफ़ेसर एक समय में दो जगह कैसे प्रकट हो सकता हैं।
अब बात करते है डिस्टेंस एजूकेशन विभाग के कोर्स मटेरियल की।

दरअसल देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के डिस्टेंस एजूकेशन विभाग के जिम्मेदार जो कोर्स मटेरियल का हवाला दे रहे हैं। वह कोर्स मटेरियल अलग अलग तरीके से जुगाड किया गया हैं। या कहे कि केवल अन्य किताबों से कॉपी पेस्ट कर लिया गया हैं। लेकिन इनमें नाम प्रोफेसर प्रतोश बंसल,सीपी पाटीदार,सुनीता गौड,मनोज कुमार पवैया जैसे प्रोफेसर का नाम बताया गया हैं। जिनमें से इन्हीं प्रोफेसर से बात की गई तो वह इस कोर्स मटेरियल पर अपना खुद का दावा ठोकने से हिच किचा रहे हैं।
क्या कहते है नियम

कोर्स मटेरियल को लेकर नियम कहते है कि जैसे अन्य यूनिवर्सिटी भी डिस्टेंस एजूकेशन को लेकर अपना खुद का कोर्स मटेरियल तैयार करते हैं। वह स्पेसिफिक होता हैं। लेकिन डीएवीवी डिस्टेंस एजूकेशन विभाग के जिम्मेदारों ने कॉपी पेस्ट किया हैं। ऐसा खुद डीएवीवी के विश्वनीय सूत्र बता रहे है कि डिस्टेंस एजूकेशन विभाग में मात्र औपचारिकताओं के अलावा और कुछ नहीं हैं।