Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE नशे के खिलाफ एकजुट पूरा शहर,इंदौरी,क्रिकेटर,पूरे पुलिस विभाग ने नशे के खिलाफ लगाई दौड़। INDORE हवा में ही उड़ा ऑक्सीजन पार्क,अब एक पेड़ मां के नाम,नगर निगम की बजट खुटाओ योजना जारी,निगमायुक... INDORE न्यूज़ WITH तड़का डॉट कॉम की ख़बर का असर,टूटेगा दौलतगंज का अवैध निर्माण! महापौर सख़्त, किसी भी... INDORE कनाडिया पुलिस के हाथों लगा, अवैध शराब तस्कर गिरोह,पूछताछ में इंदौरी शराब ठेकेदार की खुल सकती ... INDORE 23 सालों का इंतजार हुआ ख़त्म,निगम अधिकारियों को महापौर ने दी सौगात,अधिकारियों ने कहा उन्हें उ... INDORE जिम्मेदार दौरे, निरीक्षण,मीटिंगों में व्यस्त, शहर को बनाया अंधेरनगरी,साबित हो रहे चौपट राजा,ज... INDORE पुलिस का नशा मुक्ति अभियान बना जनजागरूकता का विषय, सड़कों से घरों तक नशे के दुष्परिणामों पर ह... INDORE आईडीए में जनसुनवाई की शुरुआत के बाद सीईओ का एक और नया नवाचार,तीन दिवसीय शिविर में सैकड़ों भूख... INDORE पुलिस आयुक्त ने 7 बदमाशों को किया तीन महीनों के लिए तड़ीपार,3 लिस्टेड भरेंगे थानों में हाजरी। INDORE लापता खजराना अस्पताल,कलेक्टर की कब्ज़ा मुक्ति मुहिम का श्रीगणेश, प्रशासन- नगर निगम ने बेशकीमत...

इतने जिम्मेदारों के बावजूद भी अवैध निर्माण,अवैध कालोनियों की भरमार,FIR भी नहीं रुक रहे काम,इंदौर नगर निगम योजना समिति प्रभारी का खुला पत्र खुला बीओ, बीआई पर आरोप।

0 645

अपर कलेक्टर कॉलोनी सेल,अपर आयुक्त नगर निगम कॉलोनी सेल, इतने भवन अधिकारी और इंस्पेक्टर भी। फिर भी धड़ाधड़ अवैध कालोनियों की भरमार।
जिम्मेदार योजना शाखा प्रभारी राजेश उदावत ने अपर आयुक्त कॉलोनी सेल को पत्र लिखते हुए अपनी जिम्मेदारी से झाड़ा पल्ला।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

राज्य सरकार,जिला प्रशासन,नगर निगम के जिम्मेदार कुछ भी दावे करे। लेकिन खोटा काम कभी रुकने वाला नहीं है। जमीनों के भूखे निजी जमीनों,सरकारी जमीनों और अब तो संस्था सोसायटी की जमीनों को भी नहीं बक्श रहे हैं। धड़ाधड़ बेखौफ ऐसी जमीनों जैसे निजी जमीनों,सरकारी संस्था गृहनिर्माण सोसायटियों की जमीनों को ढूंढ ढूंढकर वहां बिंदास अवैध कालोनियां काटी जा रही हैं। लेकिन जिला प्रशासन, नगर निगम के जिम्मेदार कितने भी दावे करे, लेकिन वो खोखले ही साबित हो रहे हैं। क्योंकि अवैध कॉलोनी रुकने का नाम नहीं ले रही है। फिर चाहे FIR ही क्यों न कर दी जाएं। खैर इधर नगर निगम योजना शाखा प्रभारी राजेश उदावत ने इंदौर नगर निगम सीमा अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में दिन प्रतिदिन पसर रही अवैध कालोनियों में सीधे तौर पर इंदौर नगर निगम भवन अधिकारियों और भवन निरीक्षकों पर खुला कालोनियों को पसराने में हाथ होने तक की बात लिख दी हैं।

योजना समिति प्रभारी ने ही साधा सीधा निशाना।

नगर निगम इंदौर योजना समिति प्रभारी राजेश उदावत ने अपर आयुक्त कॉलोनी सेल को लिखे गए पत्र में क्या लिखा आप ही पढ़िए।

आखिर सही हो सकती है राजेश उदावत के आरोप। क्योंकि जिम्मेदार तो यही शाखा प्रभारी और कर्मचारी की जिम्मेवारी है कि वहीं ऐसे मामलों में कड़ी कारवाही करें। लेकिन ऐसा हुआ नहीं हैं। क्योंकि इंदौर के पालदा,लसुड़िया,निपानिया,राजेंद्र नगर,भंवरकुआ,कनाड़िया,उज्जैन रोड,एयरपोर्ट रोड,जैसे क्षेत्रों में जमकर अवैध कालोनियों का जाल बिछ गया हैं।

 

वार्डवार बात की जाएं तो हर वार्ड में अवैध मल्टियां 20-20 तो कालोनियों की संख्या भी कुछ कम नहीं। 

इंदौर नगर निगम सीमा की बात कि जाए तो इंदौर नगर निगम सीमा के फिलहाल 85 वार्ड और 22 जोनलों में बंटे इंदौर शहर के प्रत्येक वार्ड में बहु मंजिला इमारतो की बात करें तो प्रत्येक वार्ड में पार्किंग की कमी,ज्यादा फ्लैट, MOS, वॉयलेशन,नक्शा विपरीत निर्माण,आवासीय में कर्मशियल उपयोग,जैसे कई मामले हर वार्ड में हैं। जबकि अवैध कालोनियों की बात की जाए तो कुछ वार्डो को छोड़ दे तो लगभग इसी मामले में भी नगर निगम सीमा में पिछले पांच सालों में अवैध कालोनियों की भरमार हो गई हैं। 

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!